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    यूपी में घाघरा नदी खतरे के निशान के पार, अवध क्षेत्र में गहराया बाढ़ का खतरा

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

    अवध क्षेत्र में घाघरा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ...और पढ़ें

    यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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    HighLights

    1. घाघरा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर।

    2. अवध क्षेत्र में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ा।

    3. बुंदेलखंड में बारिश-बिजली गिरने से तीन मौतें हुईं।

    जागरण टीम, लखनऊ। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश से अवध क्षेत्र में बाढ़ की आहट तेज हो गई है। घाघरा नदी कई जगहों पर खतरे का निशान पार कर चुकी है, जिससे तटवर्ती इलाकों में भय का माहौल है। शारदा और राप्ती नदियां भी लाल निशान के करीब हैं।

    लखीमपुर में बनबसा बैराज से शारदा नदी का जलस्तर घटकर खतरे के निशान से नीचे आ गया है, घाघरा नदी भी लाल निशान के नीचे है। बाराबंकी में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गुरुवार को एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.110 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (106.070 मीटर) से चार सेंटीमीटर ऊपर है। इससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।

    हर वर्ष रामसनेही घाट, रामनगर और सिरौलीगौसपुर के 119 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस बार 32 गांवों में पानी पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीण पलायन की तैयारी कर रहे हैं। गोंडा में भी घाघरा नदी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नवाबगंज में कटान के कारण कई संरचनाएं नदी में समा गई हैं।

    श्रावस्ती में राप्ती नदी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। श्रावस्ती में राप्ती बैराज पर नदी खतरे के निशान 127.70 सेमी से 90 सेमी नीचे 126.80 सेमी पर बह रही है। सीतापुर में घाघरा (सरयू) और शारदा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। यहां रामपुर मथुरा के आसपास के बीस गांवों, जैसे मिश्रणपुरवा, अंगरौरा, और सोतीपुरवा में पानी इकट्ठा होने लगा है।

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    बहराइच में एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर गुरुवार को लाल निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में 22 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। हालांकि, राजस्व प्रशासन ने अभी बाढ़ की संभावना से इनकार किया है। रुहेलखंड और आसपास के जिलों में नदियां अभी नियंत्रण में हैं।

    पीलीभीत में शारदा, बदायूं में गंगा, शाहजहांपुर में गर्रा और बरेली में रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। अमरोहा व संभल में भी गंगा अभी खतरे के निशान से नीचे है, हालांकि स्थानीय बारिश से जलस्तर में वृद्धि हुई है। उधर, फर्रुखाबाद में गंगा नदी चेतावनी बिंदु 136 मीटर के करीब पहुंच गई है।

    नरौरा बांध से 55 हजार और हरिद्वार से 70 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में और तेजी आने की आशंका है। कानपुर में बीते एक दिन में गंगा 32 सेंटीमीटर चढ़ी जरूर हैं, लेकिन अभी हालात काबू में हैं। बांदा में यमुना और केन नदी का रुख भी शांत बना हुआ है।

    बारिश और बिजली गिरने से हादसों में तीन की मौतबुंदेलखंड में तेज बारिश तथा बिजली गिरने से जान-माल का नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कच्चा मकान ढहने और बिजली की चपेट में आने से एक वृद्धा समेत तीन लोगों की जान चली गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। ललितपुर में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक कच्चा मकान अचानक गिर गया।

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    कमरे में सो रही वृद्ध महिला मलबे के नीचे दब गई। परिजनों ने जब तक उन्हें बाहर निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हमीरपुर में खेत में काम करते समय बिजली गिरने से एक मजदूर ने दम तोड़ दिया, जबकि खेत मालिक समेत दो लोग झुलस गए। वहीं इटावा में खेत में धान की रोपाई कर रही एक बालिका पर बिजली गिर जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।