लखनऊ में 250 भैंसों की नीलामी कल, हर भैंस पर 21 हजार रुपये के बेस प्राइस से लगेगी बोली
लखनऊ के गादियाना क्षेत्र से पकड़ी गई 250 भैंसों की नीलामी 24 अगस्त को नगर निगम मुख्यालय में दोपहर दो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
250 भैंसों की नीलामी 24 अगस्त को लखनऊ में।
न्यूनतम दर 21 हजार रुपये प्रति भैंस निर्धारित।
अवैध डेयरियों पर कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई थीं।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। पारा के गादियाना क्षेत्र में पकड़ी गई 250 भैंसों की नीलामी की जाएगी। एक भैंस का न्यूनतम रेट 21 हजार रखा गया। 24 अगस्त को यह नीलामी नगर निगम मुख्यालय में दोपहर दो बजे से होगी।
अपर नगर आयुक्त डाॅ. अरविंद राव ने बताया कि नीलामी की सूचना अखबारों में प्रकाशित की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग बोली में शामिल हो सके। पिछले दिनों नगर निगम की टीम गादियाना में अवैध डेयरी को हटाने गई थी, लेकिन पथराव होने से टीम 18 भैंसों को पकड़ पाई थी।
पथराव में नगर निगम के कर्मचारी व दारोगा व एक सिपाही घायल हो गए। इसके बाद महापौर सुषमा खर्कवाल खुद ही टीम के साथ डेयरियों को हटाने पहुंची थीं। इस दौरान दो सौ भैंसों को पकड़ा गया था, जबकि गुरुवार को भी पचास भैंसों को पकड़ा गया था।
यह है मामला
गौरतबल है कि बीते रविवार को पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों को हटाने के दौरान हुए हंगामा और पथराव हुआ। इसके बाद महापौर सुषमा खर्कवाल नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ मंगलवार सुबह भारी मात्रा में पुलिस और पीएसी बल के साथ पहुंच गईं। तीन घंटे तक ताबड़तोड़ कार्रवाई में घेराबंदी कर 197 भैंसें पकड़ी गईं।
दबंग डेयरी संचालकों की तरफ से पूर्व में हुए हमले के कारण नगर निगम भी मौन रहता था, लेकिन इधर शिकायतें बढ़ने के बाद नगर निगम ने 16 अगस्त को कार्रवाई की थी, लेकिन इस दौरान डेयरी संचालकों ने नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला कर दिया था और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
नगर निगम के कई कर्मचारी और बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल घायल हुए थे। एक सिपाही की गर्दन दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया था। नगर निगम की तरफ से डेयरी संचालकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। उस दिन केवल 18 भैसें ही पकड़ी गई थीं।
हमला करने वाले पांच गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान हमला करने के आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस उपायुक्त पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सराफत अली, रिजवान, मोहम्मद सलामुद्दीन अली, शहाबुद्दीन और मोहम्मद इस्लाम को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और सीएलए एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
