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लखनऊ के अलीगंज में 9 अवैध कॉम्प्लेक्स पर चलेगा बुलडोजर, न्याय मित्र ने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी जांच रिपोर्ट

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:59 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर बने 9 अवैध कॉम्प्लेक्स को एलडीए ध्वस्त करेगा। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज के 51 अवैध निर्माण चिन्हित किए थे।

  2. एलडीए 9 पूरी तरह अवैध कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करेगा।

  3. अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों की कमी उजागर हुई थी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। सुप्रीम काेर्ट ने अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर बने 51 अवैध निर्माण चिन्हित किया था, उनमें से नौ अवैध कांप्लेक्सों को एलडीए ध्वस्त करेगा। इस संबंध में आदेश जारी किया जा चुका है, क्योंकि ये भवन जांच में पूरी तरह से अवैध मिले थे।

मंगलवार को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमित्र ने स्थलीय जांच रिपोर्ट और अलीगंज में ध्वस्तीकरण के आदेशों की रिपोर्ट सौंपी गई है। इसी के साथ अलीगंज अग्निकांड प्रकरण की एसआइटी जांच रिपोर्ट भी दाखिल की गई है।

अलीगंज क्षेत्र में जिन भूखंडों पर कांप्लेक्स बनाए गए हैं, उनका मूल उपयोग आवासीय ही है। इसके बावजूद बिल्डरों, प्रापर्टी डीलरों और प्रभावशाली लोगों ने यहां बड़े-बड़े कांप्लेक्स खड़े कर दिए। जांच में पाया गया कि अधिकांश भवनों में न तो निर्धारित सेटबैक छोड़ा गया है और न ही पार्किंग की व्यवस्था है। कई इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों का भी गंभीर अभाव मिला था। ऐसे में इन्हें नियमित नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट को भेजी जा चुकी रिपोर्ट

अलीगंज में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। शीर्ष अदालत ने अवैध निर्माणों की जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने ही गूगल स्ट्रीट व्यू तकनीक से अलीगंज क्षेत्र में 51 भवनों को चिह्नित किया था। इन भवनों की स्थिति और वैधता संबंधी रिपोर्ट पहले ही सुप्रीम कोर्ट को भेजी जा चुकी है।

न्यायालय द्वारा नियुक्त न्याय मित्र ने भी पांच सितंबर को मौके का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया था। जांच के दौरान कुछ भवन ऐसे पाए गए जो मानकों के अनुरूप सुधार के बाद कंपाउंडिंग की श्रेणी में आ सकते हैं। वहीं नौ भवन पूरी तरह अवैध पाए गए, जिन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश पारित किया गया है।

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इसके अलावा 51 चिह्नित भवनों में से 17 को सील भी कराया गया है। सीलिंग और ध्वस्तीकरण दोनों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की गई। एलडीए अधिकारियों ने बताया, ध्वस्तीकरण आदेश पारित हो चुका है लेकिन वास्तविक कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके निर्देशों के बाद शुरू की जाएगी।

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जिन नौ भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गिराया जाएगा। हालांकि मंगलवार की सुनवाई में इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है अब कोर्ट का आदेश अपलोड होने का इंतजार किया जा रहा है।