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लखनऊ में बुजुर्ग दिव्यांग और पत्नी को 19 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, बदमाशों ने पार किए 42 लाख

Published: Tue, 18 Aug 2026 06:29 PM (IST)

लखनऊ में एक सेवानिवृत्त दिव्यांग क्लर्क और उनकी पत्नी को साइबर जालसाजों ने 19 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर 42 लाख रुपये ठग लिए।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. लखनऊ में सेवानिवृत्त दंपती से 42 लाख की ठगी।

  2. जालसाजों ने खुद को एटीएस, सीबीआई अधिकारी बताया।

  3. 19 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर धमकाया गया।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। साइबर जालसाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटना लालबाग के राज अपार्टमेंट निवासी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के सेवानिवृत्त क्लर्क अंसार जमाल अब्बासी(दिव्यांग)और उनकी पत्नी के साथ हुई। जालसाजों ने दंपती को 23 जुलाई 2026 से 10 अगस्त तक डिजिटल अरेस्ट रखा।

खुद को एटीएस, एनआइए, सीबीआइ अफसर और हाइकोर्ट का जज बताकर उनसे कई बार में कुल 42 लाख रुपये ठग लिए। इसके बावजूद उनकी मांग कम नहीं हुई। पीड़ित ने ठगी का एहसास होने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

शिकायत में अंसार जमाल अब्बासी ने बताया कि 23 जुलाई दोपहर 01:32 बजे उनके पास अनजान नंबर से काल आई। का ल करने वाले ने कहा कि पुलवामा हमले में शामिल आतंकवादी पकड़े गए थे। उनमें से एक मनीष गोयल है जिसे एटीएस ने मनी लांड्रिंग एक्ट में पकड़ा है। उसके पास कुछ दस्तावेज और एटीएम कार्ड मिले हैं जो आपके नाम से बनवाए गए हैं।

जालसाजों ने क्या कहा?

जालसाजों ने कहा कि आप वरिष्ठ नागरिक हैं और भारत सरकार में सेवाएं दी हैं इसलिए आपको जेल न भेजकर डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद जांच में सहयोग करने और 24 घंटे वीडियो काल पर रहने की बात कही। उन्हें एनआइए के आदेशों का पालन कराने के नाम पर कुछ दस्तावेज भेजे गए। जालसाजों ने बुजुर्ग और उनकी पत्नी को डराया।

किसी से बताने पर तत्काल गिरफ्तार कर सात साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी। जालसाजों ने उनसे गहने, बैंक खातों से संबंधित सारा विवरण ले लिया। इसके बाद एक अन्य जालसाज ने एटीएस पूना का अधिकारी बन काल की और कहा की अब मामले की जांच सीबीआइ करेगी।

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कुछ देर बाद जालसाजों ने सीबीआइ अफसर और हाइकोर्ट का जज बनकर उन्हें अलग-अलग कई काल किए। केस और जमानत के नाम पर डराकर 24 जुलाई से 10 अगस्त के बीच कई बार में कुल 42 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में आइटी एक्ट, धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि कई लेयर में लेनदेन हुए हैं। बैंक खातों का विवरण जुटाकर छानबीन की जा रही है।