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लखनऊ अग्निकांड: आवासीय परिसर में 20kW का था कमर्शियल कनेक्शन, खपत हो रही थी 34 किलोवाट बिजली

Published: Mon, 22 Jun 2026 09:35 PM (IST)Updated: Mon, 22 Jun 2026 11:12 PM (IST)

लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड में खुलासा हुआ है कि आवासीय भवन में 20 किलोवाट का कमर्शियल कनेक्शन था, ...और पढ़ें

20 किलोवाट का था कमर्शियल कनेक्शन और खपत हो रहा था 34 किलोवाट।

20 किलोवाट का था कमर्शियल कनेक्शन और खपत हो रहा था 34 किलोवाट।

HighLights

  1. आवासीय भवन में 20 किलोवाट का व्यावसायिक बिजली कनेक्शन था।

  2. स्वीकृत लोड से अधिक 34.18 किलोवाट बिजली की खपत हो रही थी।

  3. अधिकारियों ने अनियमितता को अनदेखा किया, किरायेदारों की शिकायतें भी अनसुनी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर डी के भवन संख्या 102 में बिजली कनेक्शन बीस किलोवाट का था लेकिन खपत 34.18 किलोवाट की हो रही थी। आवासीय परिसर में कमर्शियल कनेक्शन देने वाले जिम्मेदार इससे आंख मूंदे थे। आखिर परिसर में कैसे कमर्शियल कनेक्शन दे दिया गया, इस पर बिजली विभाग चुप्पी साधे हुए है? यह भवन वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला के नाम है।

वर्ष 2000 में यह कनेक्शन जेई परशुराम, एसडीओ एके मिश्रा और अधिशासी अभियंता जगमोहन की तैनाती के दौरान दिया गया था।। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी कनेक्शन लेते वक्त ली गई थी।

इसके बाद नवीनीकरण नहीं हुआ। अगर नवीनीकरण हुआ होता तो निदेशालय की टीम कमियों को पकड़ लेती और घटना जो 22 जून को घटित हुई है, उससे बचा जा सकता।

पड़ोसियों ने बताया कि किराएदार लगातार भवन स्वामी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला के बेटे अखिलेश शुक्ला से न्यूट्रल सर्किट ब्रेकर (एनसीबी) के बार-बार गिरने की शिकायत की थी, लेकिन उसे अखिलेश नजरअंदाज करते रहे।

वर्ष 2000 में बिजली कनेक्शन हुआ था, उस समय सभी हाल किराए पर नहीं उठे थे। बिल्डिंग के हाल किराए पर उठते गए और बिजली की खपत बढ़ती गई। पूरे परिसर में दस एयर कंडिशन के आसपास लगे थे।

घटना के पीछे एयर कंडिशन का कंप्रेसर फटना बताया जा रहा है। वहीं निदेशालय के अधिकारियों ने अगर स्वयं संज्ञान लिया होता तो मौके पर जाकर चेताया जा सकता था और लोगों की जान बच जाती।

जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह के मुताबिक बिजली की डिमांड कोई बड़ा इश्यू नहीं है। उसका जुर्माना उपभोक्ता से लिया जाएगा। गर्मियों बिजली की डिमांड हर घर में बड़ जाने की बात कही।

बिजली की डिमांड लगातार ज्यादा हुई तो बढ़ जाएगा लोड

नियमानुसान अगर किसी उपभोक्ता का बिजली का लोड स्वीकृत लोड से तीन माह तक अधिक जाता है तो अभियंता उसे बढ़ा सकता है। यहां यह नियम लागू नहीं हुआ। डिमांड बढ़ने के बाद जुर्माना लेते रहे लेकिन लोड बीस किलोवाट ही रखा।

एहतियातन काट दी मुहल्ले की बिजली

बिजली विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पचास घरों की बिजली घटना के दौरान काटी थी। आग के कारण पड़ोसियों के बिजली केबल भी प्रभावित हो गए। यहां देर शाम तक जले हुए केबलों की सप्लाई काटकर आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मी लगे रहे।

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