यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: लखनऊ-कानपुर हाईवे पर दो माह तक भारी वाहन रहेंगे प्रतिबंधित, इस वजह से प्रशासन ने लिया फैसला
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow Kanpur Expressway) पर भारी वाहनों की आवाजाही दो महीने के लिए प्रतिबंधित रहेगी। होली के बाद से मई 2025 तक भारी वाहन इस ...और पढ़ें

HighLights
- होली बाद लखनऊ से कानपुर जाने वाले वाहन दारोगा खेड़ा से आउटर रिंग रोड पर चढ़ेंगे
- कानपुर से आने वाले भारी वाहन दही चौकी व बनी से मोड़े जाएंगे
जागरण संवाददाता, अंशू दीक्षित, लखनऊ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर दो माह के लिए भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने जा रहा है। होली बाद पूर्ण रूप से भारी वाहन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस का उपयोग मई 2025 के मध्य तक नहीं कर सकेंगे। इस दौरान लखनऊ से कानपुर जाने वाले वाहन दारोगा खेड़ा के पास स्लिप रोड के जरिए आउटर रिंग रोड पर चढ़ा दिए जाएंगे।
वहीं कानपुर से आने वाले वाहन दही चौकी की ओर डाइवर्ट होंगे या फिर प्रधान ढाबा यानी बनी से मोहनलालगंज, गोसाईगंज होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस का प्रयोग करते हुए अपने गंतव्य पर जाएंगे। एनएचएआइ इस डायवर्जन का प्रपोजल जल्द ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों व ट्रैफिक पुलिस को सौंपने जा रहा है।
उद्देश्य है कि लखनऊ से कानपुर के बीच बन रहे एक्सप्रेस वे के काम को बिना रुकावट जून 2025 तक पूरा किया जा सके। काम होने के बाद रास्ता पूर्व की भांति खोल दिया जाएगा।
एनएचएआइ अधिकारियों के मुताबिक दारोगा खेड़ा से आउटर रिंग रोड निकल रही है। यहां स्लिप रोड बनाई जा रही है। जो वाहनों को सीधे आउटर रिंग रोड से जोड़ने का काम करेगी। इस स्लिप रोड का काम अस्सी प्रतिशत पूरा हो चुका है। डामरीकरण का काम होली तक करने का दावा प्राधिकरण अफसरों ने किया है। फिर वाहनों को डायवर्ट करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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दारोगा खेड़ा से बनी के बीच एलीवेटेड रोड पर गर्डर रखने का काम चौबीसों घंटे चल सकेगा। वर्तमान में भारी वाहनों के कारण यहां काम रोकना पड़ता था। इसलिए यहां काम काफी बाकी है। बता दें कि लखनऊ से कानपुर और कानपुर से लखनऊ के बीच चौबीस घंटे में एक लाख के आसपास भारी वाहनों का आवागमन होता है।
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वाहनों को सीधे आउटर रिंग रोड से जोड़ने का काम करेगी। जागरण
हल्के वाहन बिना जाम में फंसे निकल सकेंगे
भारी वाहनों का प्रवेश दो माह तक रहेगा। इस दौरान दो व चार पहिया चालक आसानी से लखनऊ से कानपुर एक्सप्रेस वे पर चल सकेंगे। वर्तमान में ट्रेलर या अधिक चक्के वाली ट्रक मुड़ते वक्त फंसते हैं। इसके कारण यहां जाम लग जाता था।
यही नहीं फिर क्रेन मंगाकर हटवाने में प्राधिकरण अफसरों को पसीने छूट जाते थे। क्योंकि जाम के कारण क्रेन को पहुंचने के लिए पहले रास्ता खाली करवाना पड़ता था। अब दारोगा खेड़ा से बनी तक काम होने के बाद ही भारी वाहन चलने की अनुमति दी जाएगी।
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ग्रीन फील्ड अलग होने से राहत
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे का ग्रीन फील्ड बनी से हिनौरा की मुड़ जाता है। ऐसे में जमीनों का अधिग्रहण करके ग्रीन फील्ड का काम तेजी से चल रहा है। इसलिए उस रूट पर न तो कोई डायवर्जन है और न ही आवागमन में कोई दिक्कत आएगी।