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    लखनऊ में घर बसाने का मौका ही मौका! आवासीय परियोजनाओं की लगी झड़ी, पीछे छूटा नोएडा-गाजियाबाद

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 08:34 PM (GMT+05:30)

    यूपी रेरा की अर्धवार्षिक रिपोर्ट 2026 के अनुसार, लखनऊ ने नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पंजीकरण में एनसीआर शहरों को पीछे छोड़ दिया है, जिसमें जनवरी से जून त ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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    HighLights

    1. लखनऊ ने नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पंजीकरण में एनसीआर को पछाड़ा।

    2. यूपी रेरा में जनवरी-जून 2026 तक 143 नई योजनाएं पंजीकृत हुईं।

    3. बुनियादी ढांचा विकास और नियामक व्यवस्था ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा।


    जागरण संवाददाता, लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर का गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद लंबे समय तक लोगों के घर बनाने का पसंदीदा ठिकाना रहा। अब लखनऊ ने आवासीय व व्यावसायिक योजनाओं की स्वीकृति में दोनों शहरों को पीछे छोड़ दिया है।

    साफ है कि आम और खास लोग राजधानी में रहने को लालायित हैं, इसलिए रियल एस्टेट की कंपनियां नई योजनाओं का खाका खींचने में जुटी हैं। जनवरी से जून तक 143 नई योजनाएं यूपी रेरा में पंजीकृत हुई, इनमें लखनऊ की 37 योजनाओं पर मुहर लगी है।

    यह जरूर है कि भले ही लखनऊ एनसीआर के बाहर रियल एस्टेट विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा लेकिन, योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारना भी होगा। अब सभी की निगाहें इसी ओर टिक गई हैं।

    उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने गुरुवार को 2026 की अर्धवार्षिक रिपोर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी रही है। नई परियोजनाओं का पंजीकरण बढ़ने के साथ नए आवासों की संख्या बढ़ना तय है। साथ ही घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए विवादों का तेजी से समाधान और धन वापसी का काम भी और प्रभावी ढंग से होगा।

    व्यावसायिक परियोजनाओं का तेजी से विस्तार

    जनवरी से जून 2026 के बीच यूपी रेरा में 143 नई रियल एस्टेट योजनाएं पंजीकृत हुईं, जबकि 2025 की इसी अवधि में 134 परियोजनाएं पंजीकृत हुई थीं। इन योजनाओं में 46,049 आवासीय इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव है, जिनमें 31,952 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

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    रिपोर्ट में कहा गया है कि अब यूपी का रियल एस्टेट विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं है, उसके बाहर भी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

    राजधानी लखनऊ में 2026 की पहली छमाही में 37 नई परियोजनाओं के साथ सबसे आगे रहा है। लखनऊ डेवलपर्स और घर खरीदने वालों दोनों के लिए तेजी से पसंदीदा शहर बनकर उभर रहा है।

    बाराबंकी जिले में भी तीन योजनाओं को स्वीकृति

    पड़ोसी जिले बाराबंकी जिले में भी तीन योजनाओं को स्वीकृति मिली है। इसकी प्रमुख वजह राज्य राजधानी क्षेत्र यानी एससीआर को माना जा रहा है। 

    हालांकि, गौतमबुद्ध नगर अब भी कुल निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या के मामले में सबसे आगे है, क्योंकि वहां बड़े पैमाने पर लक्जरी और सुपर लक्जरी परियोजनाएं विकसित हो रही हैं।

    गाजियाबाद में परियोजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या काफी अधिक रही, जिससे एनसीआर क्षेत्र में मांग बनी हुई है।

    यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने पत्रकारों को बताया, अर्धवार्षिक रिपोर्ट यह दिखाती है कि यूपी के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

    एनसीआर के अलावा भी लखनऊ सहित प्रदेश के कई शहर तेजी से रियल एस्टेट के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। इसका मुख्य कारण तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा और प्रभावी नियामक व्यवस्था है।

     

    प्रदेश की प्रमुख परियोजनाओं के वाले शहर

    शहर परियोजना निवेश (करोड़ में) आवासीय इकाइयां
    लखनऊ 37 3834 9872
    गौतमबुद्ध नगर 27 15678 13160
    गाजियाबाद 19 6989 9500
    आगरा 10 1034 3567
    मथुरा 10 698 1807
    वाराणसी 07 715 655
    बाराबंकी 03 428 815
    प्रयागराज 03 292 410
    झांसी 03 105 245
    गोरखपुर 02 71.5 474

     

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