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    लखनऊ में एक वर्ष में बनवाए 1500 फर्जी आयुष्मान कार्ड, STF ने किया खुलासा

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 03:16 AM (IST)

    लखनऊ में एसटीएफ ने 1500 फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले मुख्य आरोपी चक्र शेरू को गिरफ्तार किया है। वह जन सेवा केंद्र के माध्यम से ओटीपी बाइपास कर अपात ...और पढ़ें

    एक वर्ष में बनवाए 1500 फर्जी आयुष्मान कार्ड।

    एक वर्ष में बनवाए 1500 फर्जी आयुष्मान कार्ड।

    HighLights

    1. एसटीएफ ने 1500 फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले को गिरफ्तार किया।

    2. आरोपी चक्र शेरू जन सेवा केंद्र से करता था फर्जीवाड़ा।

    3. ओटीपी बाइपास कर अपात्रों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। एसटीएफ ने एक वर्ष में 15 सौ अपात्रों के फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाने वाले आरोपित चक्र शेरू उर्फ अभिषेक उर्फ अजय को गिरफ्तार किया है। वह पारा में एक जन सेवा केंद्र से फर्जीवाड़ा करता था।

    आरोपित के पास से एक आयुष्मान कार्ड, मोहर, कैमरा समेत अन्य सामान भी मिला है। आरोपित दूसरे की फैमिली आइडी में ओटीटी बाइपास कर उसमें मेंबर जोड़ता था। गिरोह के सात आरोपित पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं।

    हरदोई के संडीला का रहने वाला चक्र शेरू आलम नगर रेलवे स्टेशन के पास मुनेश्वर पुरम कालोनी में रहता था। पूछताछ में उसने बताया कि 2023 में वह एसएससी की कोचिंग के लिए लखनऊ आया था। 2024 में उसने 102 एम्बुलेंस ऑफिस में गार्ड की नौकरी शुरू कर दी।

    2025 में उसकी मुलाकात बुद्धेश्वर चौराहे पर अवी सीएससी में अवनीश से हुई थी। अवनीश ने उसे अपने मित्र चंद्रभान से मिलवाया। यह लोग पहले से फर्जीवाड़ा कर आयुष्मान कार्ड बनाते थे। चक्र शेरू ने अपना कार्ड बनवाने के लिए इससे बात की। तय कीमत से अधिक रुपये देने पर चंद्रभान ने उसका पेंडिंग आयुष्मान कार्ड बनवा दिया।

    इसी के बाद चक्र शेरू भी एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ मिलकर नकली आयुष्मान कार्ड बनाने का पोर्टल बनाकर उससे कार्ड बनाने लगा। आरोपित अपात्र लोगों को दूसरे की फैमिली आइडी में जोड़ देते थे। जिसमें आवेदन करने वाले के पिता और जिले का नाम एक ही होता था फिर अपात्र को उसी परिवार में जोड़ दिया जाता था।

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    इसका ओटीपी भी उस परिवार के मुखिया के नंबर पर न जाकर अपात्र आवेदक के नंबर पर जाता था। फर्जीवाड़ा कर आरोपित कई लोगों के आयुष्मान कार्ड बना चुके हैं।

    पूर्व में गिरोह में शामिल सदस्य चन्द्रभान वर्मा, राजेश मिश्रा, सुजीत कनौजिया, सौरभ मौर्या, विश्वजीत सिंह, रंजीत सिंह, अंकित यादव पकड़ा जा चुका है। साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया है।