लखनऊ में पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद, 6 लाख जुर्माना लगा; पांच साल बाद मिला न्याय
लखनऊ में लाइसेंसी बंदूक से पत्नी की हत्या के दोषी अरविंद मिश्रा को विशेष न्यायाधीश ने उम्रकैद और 6 लाख ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
विधि संवाददाता, लखनऊ। लाइसेंसी बंदूक से पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के दोषी राजाजीपुरम निवासी पति अरविंद मिश्रा को विशेष न्यायाधीश, सीबीआई (आयुर्वेद घोटाला प्रकरण) रोहित सिंह ने उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 6 लाख रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की तरफ से सरकारी वकील विकास सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट मृतका राखी मिश्रा के पिता रामवीर द्विवेदी ने आठ मार्च 2021 को पारा थाने में दर्ज कराई थी।
बताया गया कि उन्होंने अपनी पुत्री की शादी सन् 2005 में दोषी के साथ की थी। घटना वाले दिन उनके नाती द्वारा सूचना दी गई कि उसकी मां को पापा ने गोली मार दी है। जब वादी अपनी बेटी के घर पहुंचा तो बेटी को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया जा चुका था।
वहां पहुंचने पर पता चला कि उसकी बेटी की मृत्यु हो गई है। वादी द्वारा न्यायालय के समक्ष अपने बयानों में कहा गया कि दोषी अपने भाई की शादी के लिए पांच लाख रुपए की मांग कर रहा था तथा वादी द्वारा उसे भरोसा दिलाया गया था कि वह हर संभव मदद करेगा। इसके बावजूद उसकी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि घटना का समय मृतका राखी मिश्रा के तीन नाबालिग बच्चे है, जो वर्तमान समय अपने नाना नानी के साथ जनपद शाहजहांपुर में रह रहे हैं।
तीनों बच्चों की पढ़ाई लिखाई एवं जीवन यापन को दृष्टिगत रखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357 के प्रावधानों के तहत पति अरविंद मिश्रा पर लगाए गए अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि तीनों नाबालिग बच्चों को समान रूप से जिला अधिकारी लखनऊ के द्वारा उनकी पहचान सुनिश्चित करने के पश्चात प्रदान की जाएगी।
न्यायालय ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए यह भी कहा कि इन नाबालिग बच्चों को प्राप्त होने वाली अर्थदंड की धनराशि समान रूप से उनके पक्ष में किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा योजना में, जिसमें सर्वाधिक ब्याज हो, उनके वयस्क होने तक के लिए जमा की जाएगी।
