लखनऊ में बाइक सवार युवक की मांझे से कटी गर्दन, इलाज के दौरान तोड़ा दम
लखनऊ के हैदरगंज पुल पर बाइक सवार मोहम्मद शोएब की गर्दन मांझे से कटने के कारण मौत हो गई। 33 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब को राहगीरों ने ट्रॉमा सें ...और पढ़ें
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मोहम्मद शोएब, फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, लखनऊ। बुलाकी अड्डा स्थित हैदरगंज पुल के पास बुधवार की शाम बाइक से जा रहे 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब की गर्दन में मांझा फंस गया। शोएब कुछ समझ पाते इसके पहले ही मांझे से उनकी गर्दन की नसें कट गई। किसी तरह उन्होंने बाइक रोकी और अचेत होकर सड़क पर गिर गए।
राहगीरों की मदद से उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। आसपास के इलाके में छानबीन की जा रही है।
दुबग्गा के मछली मंडी निवासी शोएब निजी कम्पनी में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव (एमआर) थे। बड़े भाई शारिक ने बताया कि बुधवार दोपहर वह बाइक से हेलमेट लगाकर कंपनी के काम से चौक से हैदरगंज की तरफ जा रहे थे। ओवर ब्रिज पर उनकी गर्दन में अचानक से मांझा आ फंसा।
शोएब कुछ समझ पाते इसके पहले ही मांझे ने गर्दन की नसें पूरी तरह काट दी। शोएब लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गए। इस बीच पुल पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची बाजारखाला पुलिस ने शोएब को राहगीरों की मदद से किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
अधिक खून बहने और गर्दन में गंभीर घाव होने से चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाजारखाला इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह ने बताया कि पुल के ऊपर मांझा कहीं से आया था। इसे लेकर आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सीसी फुटेज से भी छानबीन के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मांझा किस तरफ से आया था। मांझा चाइनीज था या नहीं यह भी पता लगाया जा रहा है।
बदहवास हुई पत्नी, नहीं थम रहे बेटी के आंसू
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घटना की सूचना जब पत्नी फौजिया को मिली तो वह बदहवास हो गई। रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। घटना के बाद से शोएब की छह वर्षीय बेटी बुशरा के आंसू भी नहीं थम रहे हैं। वह बार-बार पिता के पास जाने की जिद कर रही है। शोएब की दूसरी बेटी इकरा अभी एक वर्ष की है। घटना के बाद से शोएब की मां आवदा भी खुद को संभाल नहीं पा रही हैं।
पुलों के आसपास पतंगबाजी पर रोक की मांग
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद कई लोग ट्रॉमा सेंटर भी आ गए। लोगों ने पुलों के आसपास पतंगबाजी पर रोक लगाने की मांग की है। बड़े भाई शारिक ने बताया कि पुलिस चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाती है लेकिन बाजारों में कई दुकानों पर देसी मांझा आसानी से बिकता है। इसमें भी जानलेवा कांच का इस्तेमाल होता है। उन्होंने मांझे पर प्रतिबंध की मांग की है। भाई के मुताबिक, पुराने लखनऊ के कई इलाकों में सट्टा लगाकर पतंगबाजी भी होती है।
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पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
- 28 नवंबर 2017: बाजारखाला इलाके में इकराम की मांझे से कटी गर्दन।
- 12 मई 2018: राम कुमार की गर्दन पर गोसाईगंज स्थित सुलतानपुर रोड के पास मांझे से कट लगा।
- 14 नवंबर 2020: हुसड़िया फ्लाईओवर पर बाराबंकी निवासी लवकुश घायल हुए।
- 22 जून 2022: कैंट इलाके में युवक के हाथ और गर्दन पर मांझे से चोट लगी।
- 23 मई 2023: ठाकुरगंज के पीर बुखारा इलाके में चाइनीज मांझे से युवक हुआ चोटिल।
- 27 मार्च 2024: हजरतगंज कोतवाली के एसएसआइ का अंगूठा ईदगाह रोड पर मांझे से कट गया।
- 23 फरवरी 2025: बीबीडी इलाके में मांझे से बाइक सवार अमन घायल।