Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lucknow: पिंक टॉयलेट बना मौसम्बी का गोदाम, जूस वाले के पास रहती है चाभी; महिलाएं परेशान

    By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Mon, 11 Sep 2023 07:00 AM (IST)

    पिंक टायलेट को चारों तरफ खान-पान की दुकानें लगती हैं और ऐसे में वहां किसी महिला का जाना असुरक्षा जैसा ही है। अंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात् ...और पढ़ें

    पिंक टॉयलेट बना मौसम्बी का गोदाम, महिलाएं परेशान (फाइल फोटो)
    पिंक टॉयलेट बना मौसम्बी का गोदाम, महिलाएं परेशान (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, लखनऊ: स्वच्छता अभियान और महिलाओं की सुरक्षा में नगर निगम की संवेदनहीनता देखनी हो तो पिंक टायलेट चले जाइए। कहीं पानी नहीं है तो कहीं बिजली का अभाव। गेट पर कागज चिपका है कि पानी का इंतजाम नहीं है। ऐसे में महिलाएं उसे पढ़कर ही आगे बढ़ लेती हैं।

    इससे भी दो कदम आगे बढ़कर एक मामला रायबरेली रोड पर शहीद पथ के नीचे बने पिंक टायलेट में दिखा। यहां पहले से ही टायलेट बना था लेकिन पैसा खपाने के लिए एक और पिंक टायलेट बना दिया गया था। अब इस टायलेट को पड़ोस के दुकानदार ने मौसम्बी का स्टोर बना रखा है, बगल में जूस की दुकान चलती है।

    इस टायलेट की चाभी भी नगर निगम के अधिकारियों ने जूस वाले को दे रखी थी, जो बिजली के साथ ही सबमर्सिबल पंप का उपयोग भी जूस संचालक ही कर रहा था।

    पिंक टायलेट के कमरे में गन्ना पेरने वाली मशीन बंद थी। इतना ही नहीं पिंक टायलेट को चारों तरफ खान-पान की दुकानें लगती हैं और ऐसे में वहां किसी महिला का जाना असुरक्षा जैसा ही है।

    अंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्राओं की शिकायत पर दैनिक जागरण की टीम सफाई निरीक्षक सुमित मिश्र टीम के साथ वहां पहुंची तो देखा कि दोनों टायलेट में ताला लटक रहा था। अंदर मौसम्बी बोरियों में भरी रखी थी नए बने पिंक टायलेट में ताला लटक रहा था। कमरे में कई उपकरण समेत गन्ना पेरने की मशीन रखी थी, जिसे जब्त कर लिया है।

    कहीं पानी तो कहीं नहीं है बिजली

    महिला सुरक्षा के लिए पिंक टायलेट बनाए गए थे। निर्भया कांड के लिए इसके लिए बजट भी आया था। निर्माण कराने में अधिकारियों ने जितनी तेजी से दिखाई थी, उसके संचालन में उतनी दिलचस्पी नहीं दिखाई। कैसरबाग बारादरी और कैसरबाग चौराहे के एक तरफ बने पिंक टायलेट में सभी उपकरण हैं लेकिन बिजली, पानी का इंतजाम नहीं है।

    खबरें और भी

    कर्मचारी आते हैं लेकिन कोई उपयोग नहीं करता। गेट पर ही लिखा है कि पानी का इंतजाम नहीं है। परितर्वन चौक के पास भी पानी बिजली का इंतजाम नहीं है। यहां तैनात कर्मचारी बगल में एसी का पानी बाल्टी में एकत्र करती हैं, जिससे अगर कोई आए तो उसे जरुरत भर का पानी दिया जा सके। साफ-सफाई के लिए कोई सामान नहीं दिया जाता है। यही हाल अधिकांश पिंक टायलेट का है।