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पुलिस की संवेदना ने बिखेरी मुस्कान, लखनऊ पुलिस ने 9 साल से बिछड़ी मां को बेटे से मिलाया, वीडियो कॉल पर छलक पड़े आंसू

Published: Thu, 17 Sep 2026 04:50 AM (IST)

लखनऊ पुलिस ने नौ साल से बिछड़ी एक मां को उसके बेटे से मिलाया। सूरत के विशाल अपनी मां रतन ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. लखनऊ पुलिस ने नौ साल से बिछड़ी मां-बेटे को मिलाया।

  2. सूरत के विशाल ने वीडियो कॉल पर अपनी मां को पहचाना।

  3. हजरतगंज पुलिस ने रतन बेन की देखभाल कर परिवार खोजा।

आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। सूरत शहर के विशाल की दिनचर्या मां की तलाश से शुरू होती थी। पिछले नौ वर्षों से हर सुबह इसी उम्मीद के साथ घर से निकलते थे कि आज उन्हें मां मिल जाएगी। रेलवे स्टेशन से लेकर बस अड्डे तक शहर भर में आशान्वित आंखें मां को खोजती रहती थीं। अंतत: एक दिन थाने पर उन्हें बुलाया गया और लखनऊ से वीडियो कॉल पर उनकी बात कराई गई।

स्क्रीन पर मां को देख खुशियां आंसू बनकर छलक पड़ीं। विशाल उसी समय लखनऊ के लिए रवाना हुए और यहां आकर मां को गले लगा लिया। बिछड़ी हुई मां से बेटे का यह मिलन कराया है हजरतगंज पुलिस ने। बालू अड्डा चौराहे के पास 55 वर्षीय रतन बेन दो दिन से एक ही स्थान पर बैठी थीं। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि वह धूप में बैठी रहती थीं। तीसरे दिन चौकी इंचार्ज ने उनसे बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन वह कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रही थीं।

पुलिस टीम उन्हें थाने लेकर आई। काफी देर पूछताछ के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली। महिला दारोगा को बुलाया गया। उन्होंने रतन बेन को नहलाया, नए कपड़े पहनाए और खाना खिलाया। इसके बाद आराम से बातचीत की गई तो उन्होंने धीमे स्वर में गुजरात के सूरत स्थित कत्तारगाम इलाके का नाम लिया। पुलिस ने इंटरनेट पर क्षेत्र की जानकारी जुटाई और संबंधित थाने से संपर्क किया।

हजरतगंज पुलिस ने सूरत पुलिस से संपर्क किया तो बीट इंचार्ज का नंबर मिला। उसने वीडियो काल पर संपर्क किया। रतन बेन को कैमरे के सामने लाया गया और दर्ज गुमशुदगी के आधार पर उनके बेटे विशाल को दिखाया गया। मां को देखते ही विशाल की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नौ साल से जिस चेहरे को तलाश रहा था, वह सामने था। पुलिस की मदद से पहचान की पुष्टि होने के बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गया।

2017 में अचानक गायब हुई थीं रतन बेन
विशाल ने दैनिक जागरण को बताया कि वर्ष 2010 से मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह दो-तीन बार घर से गईं, लेकिन देर रात तक लौट आती थीं। वर्ष 2015 में उसकी शादी हुई और 2016 में बेटी का जन्म हुआ। वर्ष 2017 में मां अचानक घर से चली गईं और फिर वापस नहीं आईं। परिवार ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों समेत कई जगह तलाश की। गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई। धन्यवाद देकर मां को घर ले गया बेटा: विशाल ने पुलिसकर्मियों का धन्यवाद किया। देर शाम वह अपनी मां को साथ लेकर गुजरात के लिए रवाना हो गए।

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