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समिट बिल्डिंग साइबर जालसाजी: तीन पुलिसकर्मी निलंबित, छह लाइन हाजिर, अन्य कर्मियों की खंगाली जा रही भूमिका

Published: Tue, 11 Aug 2026 08:36 PM (IST)

समिट बिल्डिंग साइबर जालसाजी मामले में तीन संदिग्धों को छोड़ने के आरोप में पुलिस ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित और छह को लाइन हाजिर किया है।

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HighLights

  1. साइबर जालसाजी में तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।

  2. छह अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।

  3. पुलिसकर्मियों की भूमिका पर विभागीय जांच जारी है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। समिट बिल्डिंग में साइबर जालसाजी के मामले में कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को छोड़ने के प्रकरण में पुलिस उपायुक्त अपराध ने जिम्मेदारी तय करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि छह को लाइन हाजिर किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उन्हें चिन्हित किया जा रहा है।

एक जुलाई को साइबर क्राइम सेल और पुलिस की टीम ने गोमतीनगर समिट बिल्डिंग में छापा मारकर अमेरिकन नागरिक से ठगी करने वाले 119 लोगों को गिरफ्तार किया था।

बाद में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से नेटवर्क के मुख्य संचालक विनीत समेत तीन अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया था। इस छापे के दौरान साइबर क्राइम टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने तीन जालसाजों को मौके से छोड़ दिया था।

मामले में जेल से एक पी ड़िता की तरफ से रिट डाली गई थी। जानकारी होने पर दो अगस्त के अंक में दैनिक जागरण ने इस प्रकरण को प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले की गोपनीय जांच कराई।

साथ ही एक जांच एसीपी गोमतीनगर रत्नेश सिंह को सौंपी गई थी। फिर लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में प्रकरण की गोपनीय जांच रिपोर्ट दो दिन पहले उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी। रिपोर्ट में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

प्रारंभिक जांच में तीन सिपाहियों की भूमिका सामने आई है, जो समिट बिल्डिंग में पकड़े गए संदिग्धों को लिफ्ट के जरिए नीचे ले जाते सीसी कैमरे में दिखाई दिए थे। एसीपी गोमतीनगर की प्रारंभिक जांच के आधार पर तीन सिपाही वसीम, जितेंद्र और श्रीकांत को निलंबित किया गया है।

साथ ही कार्रवाई की जद में दारोगा आदिल और अरविंद के अलावा सिपाही जय प्रकाश, आशीष, अविनाश और संतोष गौतम आए हैं। इन सभी को लाइन हाजिर कर दिया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल यादव ने मंगलवार को की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की विभागीय जांच के साथ ही मुकदमे की विवेचना भी चल रही है। ऐसे में जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को वर्तमान तैनाती से हटाया गया है।

अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

अधिकारियों के मुताबिक, अभी कार्रवाई को अंतिम नहीं माना जा रहा है। गोपनीय जांच और विभागीय पड़ताल में जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों को किसके निर्देश पर और किन परिस्थितियों में छोड़ा गया था।

हाईकोर्ट में दाखिल रिट और विभागीय जांच में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। साथ ही मुकदमे की विवेचना भी चल रही है। ऐसे में कोई भी पुलिसकर्मी जांच को प्रभावित न कर सके, इसके चलते तीन को निलंबित और छह को लाइन हाजिर किया गया है। अन्य की भूमिका भी जांची जा रही है।

-अनिल यादव, पुलिस उपायुक्त, अपराध।

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