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    मकान कब्जेदारी का विवाद में पुलिस ने सपा पार्षद को हिरासत में लिया, थाने का घेराव करने पहुंचे समर्थक

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 05:23 PM (GMT+05:30)

    लखनऊ के इंदिरा नगर में मकान कब्जेदारी विवाद पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि को हिरासत में लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने म ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि मकान कब्जेदारी विवाद में हिरासत में।

    2. समर्थकों ने थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

    3. कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मकान को कब्जा मुक्त कराया था।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। इंदिरा नगर के बस्तौली गांव में मकान पर कब्जे को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि को हिरासत में लिया और थाने ले गई। इस पर बड़ी संख्या में पार्षद के समर्थक थाने पहुंच गए।

    लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने अयोध्या रोड पर जाम लगाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा। विवाद में शामिल पार्षद और छह लोगों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की गई है।

    बस्तौली गांव में पुराना मकान था जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा किया था। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) गाजीपुर अनिद्य विक्रम सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर नियमानुसार मकान को दो दिन पहले कब्जे से मुक्त कराया गया था। इस मकान में रामचंद्र और उनका परिवार लंबे समय से रहता था।

    मैनपुरी में तैनात दारोगा जितेंद्र मोहन का मकान की कब्जेदारी को लेकर रामचंद्र से विवाद था। जितेंद्र मोहन कोर्ट में केस जीत गए। कोर्ट ने पुलिस को मकान कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था। 31 जनवरी को पुलिस और राजस्व टीम ने पीएसी की मौजूदगी में कोर्ट के आदेश पर मकान से सामान निकालकर जितेंद्र मोहन को कब्जा दिलाया।

    इसके खिलाफ लवकुशनगर से सपा के पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि, रामचंद्र, उनके बेटे अरुण और पार्षद के कई समर्थक धरने पर बैठ गए। दो दिन धरना जारी रहा। सोमवार को पार्षद के साथ रामचंद्र और अन्य लोग जिलाधिकारी कार्यलाय पहुंचे। कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई होने से वहां भी सुनवाई से मना कर दिया गया।

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    इसके बाद पार्षद और उनके समर्थक बस्तौली पहुंचे और मकान का ताला तोड़ दिया। मौके पर तैनात पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो धक्का मुक्की शुरू हो गई। बवाल की सूचना पर विकासनगर, बीबीडी, समेत आसपास के 10 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पीएसी टीम भी बुलाई गई।

    इसके बाद पुलिस पार्षद, वाल्मीकि समाज से जुड़े स्थानीय नेता समेत छह लोगों को गाजीपुर थाने ले आई। इसका विरोध जताते हुए बड़ी संख्या में पार्षद समर्थक और वाल्मीकि समाज से जुड़े लोग थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर पार्षद और उनके परिवार से अभद्रता, मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

    इस बीच लोग पुलिस से भी उलझ गए। कुछ लोगों ने सड़क पर बैठकर जाम लगाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने लाठिया फटकारकर लोगों को खदेड़ा। लगभग दो घंटे तक थाने पर हंगामा चलता रहा। पूर्व में भी पुलिस को मकान कब्जा कराने के कोर्ट ने आदेश दिए थे।

    विवाद के चलते कब्जा मुक्त नहीं होने पर कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर, एसीपी और थाना प्रभारी के खिलाफ अवमानना की नोटिस जारी कर दी थी। सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई थी। पार्षद और अन्य लोगों का शांतिभंग की धारा में चालान किया गया है। घटनास्थल पर एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।