डिजिटल हुआ प्रशासनिक काम: अब लखनऊ विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं काटेंगे सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य
लखनऊ विश्वविद्यालय अपने संबद्ध पांच जिलों के राजकीय महाविद्यालयों को ई-आफिस प्रणाली से जोड़ रहा है। इससे प्रशासनिक कार्यों का ...और पढ़ें

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HighLights
राजकीय महाविद्यालयों को ई-आफिस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
प्रशासनिक पत्रावलियों का निस्तारण अब डिजिटल माध्यम से होगा।
प्राचार्यों को विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय अब अपने संबद्ध पांच जिलों के राजकीय महाविद्यालयों को भी ई-आफिस प्रणाली से जोड़ने जा रहा है। पहले चरण में लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी के सभी राजकीय महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय के ई-आफिस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे कालेजों की प्रशासनिक पत्रावलियों का निस्तारण डिजिटल माध्यम से हो सकेगा।
प्राचार्यों और कर्मचारियों को सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कुलपति प्रो. जेपी सैनी की पहल पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में पहले से लागू ई-आफिस व्यवस्था का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राजकीय महाविद्यालयों की फाइलें डाक या व्यक्तिगत रूप से भेजने के बजाय सीधे संबंधित अधिकारियों के डिजिटल पटल पर पहुंचेंगी।
नवीन विषय और पाठ्यक्रमों की स्वीकृति, सीट आवंटन, पद सृजन, एनओसी और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों का निस्तारण आनलाइन किया जा सकेगा। ई-आफिस व्यवस्था लागू करने के लिए विश्वविद्यालय की प्रोग्रामर अनुपमा सक्सेना को अधिकृत किया गया है।
आनलाइन पता चल सकेगी फाइलों की स्थिति
इस व्यवस्था से कालेजों को अपनी फाइलों की स्थिति भी आनलाइन पता चल सकेगी। किस अधिकारी के स्तर पर पत्रावली लंबित है, इसकी जानकारी मिलने से जवाबदेही बढ़ेगी और निस्तारण में तेजी आएगी। दूरदराज के जिलों के कालेजों को विश्वविद्यालय आने-जाने में लगने वाले समय और यात्रा खर्च से भी राहत मिलेगी।
सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित कालेजों को भी जोड़ा जाएगा
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और पेपरलेस बनाना है। ई-आफिस से कालेजों की पत्रावलियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होगा।
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फिलहाल पहले चरण में केवल राजकीय महाविद्यालयों को जोड़ा जाएगा। सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित कालेजों को आगामी चरणों में शामिल किया जाएगा।