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    ट्रेनों के वीआईपी कोटे में दलालों की सेंध, मुंबई में बैठा दलाल गोरखपुर से हासिल कर रहा कोटा, ऐसे खुला खेल

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 11:12 PM (IST)

    दलालों ने सांसदों सहित वीआईपी कोटे की सीटों में सेंध लगाकर मुंबई से टिकट बनवाकर गोरखपुर से कंफर्म कराए। आरपीएफ ने फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा कर रहे या ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मुंबई के दलाल गोरखपुर से वीआईपी कोटे के टिकट कंफर्म करा रहे।

    2. आरपीएफ ने फर्जी आधार कार्ड पर यात्रा कर रहे यात्रियों को पकड़ा।

    3. वीआईपी कोटे में सेंधमारी में रेलवे कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध।

    निशांत यादव, लखनऊ। सांसदों सहित वीआईपी यात्रियों के कोटे से कंफर्म होने वाली सीटों में मुंबई में बैठे दलालों ने सेंध लगा दी है। यह दलाल मुंबई से टिकट बनवाकर उसे गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे जोनल मुख्यालय से कंफर्म करा रहे हैं।

    रेलवे सुरक्षा बल की अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) की टीम ने जब फर्जी आधार कार्ड पर छद्म नाम से यात्रा करने के मामले में पांच यात्रियों की जांच की तो वीआईपी कोटे से टिकट कंफर्म कराने का खेल पकड़ा गया।

    छह यात्रियों के एक पीएनआर पर पांच सीटें वीआईपी कोटे से कंफर्म कर दी गईं। आरपीएफ की एक टीम वीआईपी कोटे के दस्तावेजों की जांच के लिए गोरखपुर रवाना हो गई है।

    माना जा रहा है कि सांसदों और अन्य वीआईपी यात्रियों के फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हुआ है। साथ ही कोटा आवंटित करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।

    दलालों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण कुमार त्रिपाठी के निर्देश पर आरपीएफ ऑपरेशन उपलब्ध चला रही है।

    आरपीएफ की क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ यात्री दलालों के बनाए टिकट और फर्जी आधार कार्ड के सहारे ट्रेन 20104 आजमगढ़-एलटीटी सुपरफास्ट से गोरखपुर से लखनऊ होकर मुंबई की यात्रा कर रहे हैं।

    क्राइम ब्रांच के निरीक्षक रणजीत यादव, उप निरीक्षक प्रशांत सिंह यादव और निरीक्षक अजमेर सिंह ने टीम के साथ स्लीपर क्लास की बोगी एस-2 में छापा मारा।

    सीट नंबर 27 पर प्रमोद नाम से सफर कर रहे यात्री आधार कार्ड की ऐप से जांच हुई तो वह फर्जी निकला। यात्री का असली नाम सिद्धार्थनगर बेलहरा बनौसी बांसी निवासी सुनील कुमार मिला। सीट संख्या 28 पर किरण और 29 पर यात्री शरद यात्री और 30 नंबर पर अन्य यात्री मिला।

    पूछताछ में इन यात्रियों ने बताया कि सिद्धार्थनगर के ही परिचित संतोष के माध्यम से मुंबई के दलाल प्रमोद रूदल तिवारी को पांच हजार रुपये देकर चार लोगों का स्लीपर क्लास का टिकट बनवाया था। इसमें दो टिकट सही नाम से और दो अन्य के नाम पर दिया गया। गलत नाम के टिकट के साथ फर्जी आधार कार्ड दिया गया था।

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    ऐसे कंफर्म हुए टिकट

    मुंबई में बैठे दलाल ने कुछ छह यात्रियों का टिकट पीएनआर नंबर 262-1196998 पर बुक कराया। टिकट को वीआईपी कोटे से गोरखपुर से कंफर्म कराया। इसमें छह में से पांच सीटें कंफर्म कर दी गईं।

    वेटिंग लिस्ट के एक यात्री का टिकट निरस्त कर दिया गया। पांच में से चार यात्रियों ने यात्रा की, जबकि एक यात्री का टिकट निरस्त किया गया। पिछले सप्ताह भी आरपीएफ ने छह में से छह सीट वीआईपी कोटे से कंफर्म सीट वाले टिकट को पकड़ा था।

    इसलिए दलालों ने बदला तरीका

    विमान से कूरियर से भेजे जाने वाले टिकटों पर अंकुश लगने से दलालों ने दूसरे नामों से टिकट बनवाकर फर्जी आधार के जरिए यात्रा कराने का नया रास्ता खोजा है। पिछले एक महीने में आरपीएफ की क्राइम ब्रांच ने कई बार फर्जी आईडी बनवाकर छद्म नाम से यात्रा करने वाले यात्रियों को पकड़ा है। ऐसे में दलालों ने अब वीआईपी कोटे में सेंध लगाने का रास्ता खोज लिया है।