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अब गोबर से बढ़ेगी गोशालाओं की आय, ललितपुर में शुरू होगा पायलट मॉडल; प्रोजेक्ट से हर मंडल के एक जिले से जोड़ने की योजना

Published: Thu, 15 Oct 2026 12:54 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए गो सेवा आयोग और नाबार्ड मिलकर काम करेंगे। ललितपुर में एक पायलट मॉडल शुरू होगा।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु नाबार्ड-गो सेवा आयोग का सहयोग।

  2. ललितपुर में गोबर उत्पादों पर आधारित पायलट मॉडल शुरू होगा।

  3. किसानों की आय बढ़ाने को एफपीओ, स्वयं सहायता समूह जुड़ेंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए गो सेवा आयोग और नाबार्ड मिलकर काम करेंगे। बुधवार को नाबार्ड मुख्यालय में हुई बैठक में ललितपुर में पायलट माडल शुरू करने और इसे चरणबद्ध तरीके से हर मंडल के एक जिले में लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में गोशालाओं को किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों से जोड़ने पर जोर दिया गया। गोबर से जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट नियंत्रक, गो-काष्ठ और पंचगव्य उत्पाद बनाने तथा किसानों के उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बिक्री की व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई।

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नाबार्ड ने पात्र किसानों और समूहों को ऋण, वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण देने की संभावनाएं बताईं। गोशालाओं में बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र लगाने, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से तकनीकी प्रशिक्षण देने पर भी विचार हुआ। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में ब्याज सहायता और यूको बैंक की अमृत धारा योजना से ऋण देने के सुझाव दिए गए।