नैमिषारण्य में संवरेगा भारत का प्राचीन गौरव: ₹14 करोड़ से बनेगा ‘वेदारण्यम’, CM योगी ने दी सौगात
पर्यटन विभाग नैमिषारण्य धाम में 14.09 करोड़ रुपये की लागत से 'वेदारण्यम' विकसित कर रहा है। यह वेद आधारित परियोजना पारंपरिक ज्ञान, प्रकृति और आधुनिक सु ...और पढ़ें

नैमिषारण्य में ‘वेदारण्यम’ बनेगा आध्यात्मिक-पर्यटन हब

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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। धार्मिक एवं पर्यटन महत्व के नैमिषारण्य धाम में पर्यटन विभाग द्वारा वेद आधारित थीम पर ‘वेदारण्यम’ विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 14.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और इसमें से 7.04 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है।
यह परियोजना पारंपरिक भारतीय ज्ञान, प्रकृति और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का संगम होगी, जिससे यहां आने वालों बेहतर अनुभव मिल सकेगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत परिसर का विकास वास्तु सिद्धांतों और प्राकृतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
सुरक्षा के लिए यूसीआर कंपाउंड वाल और चेन लिंक फेंसिंग कराई जाएगी। म्यूरल वाल के जरिए क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को उभारा जाएगा। प्रवेश क्षेत्रों को प्राकृतिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा और सूचना स्तंभ स्थापित किए जाएंगे।
परिसर के केंद्र में ब्रह्मस्थान बनाया जाएगा, वहीं उत्तर-पूर्व दिशा में चक्रतीर्थ से जुड़ा पवित्र जोन विकसित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए यहां ट्विन कॉटेज, गजीबो और सीढ़ीनुमा बैठने की व्यवस्था होगी। आवागमन के लिए प्राकृतिक पथ और ईंट किनारे से बने मार्ग तैयार किए जाएंगे।
‘वेद वन’ की अवधारणा के तहत चारों वेद- ऋग, यजुर, साम और अथर्व के आधार पर अलग-अलग सेक्शन तैयार किए जाएंगे। पंचवृक्ष, आयुर्वेद, नक्षत्र और ‘संसार’ जैसे थीम आधारित क्षेत्र विकसित होंगे। आगंतुकों के लिए ऑडियो-गाइडेड ट्री ट्रेल भी तैयार किया जाएगा।
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सौंदर्यीकरण के लिए पत्थर पिचिंग, पांच कमल तालाब, तुलसी वृंदावन और आकर्षक मूर्तियों का विकास भी प्रस्तावित है। पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर शौचालय, टिकट काउंटर आदि का निर्माण भी किया जाएगा।
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