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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Umesh Pal Murder: अतीक की बहन आयशा के घर कुर्की की कार्रवाई का नोटिस चस्पा, उमेश पाल हत्‍याकांड में आरोप‍ित

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Sat, 19 Aug 2023 07:53 AM (IST)

    प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड में गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल के कार से निकलते वक्त उन पर शूटरों ने फायरिंग कर दी थी। बम भी फेंके ग ...और पढ़ें

    Umesh Pal Murder: उमेश पाल हत्‍याकांड में अतीक की बहन आयशा भी आरोप‍ित
    Umesh Pal Murder: उमेश पाल हत्‍याकांड में अतीक की बहन आयशा भी आरोप‍ित

    HighLights

    1. उमेश पाल हत्‍याकांड में पुल‍िस ने अतीक की बहन आयशा को बनाया है आरोप‍ित
    2. उमेश पाल के हत्‍यारों को शरण देने के कारण आरोप‍ित बनाई गई है आयशा

    मेरठ, जागरण संवाददाता। माफिया अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की फरारी पर प्रयागराज पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी। शुक्रवार को प्रयागराज पुलिस ने नौचंदी के भवानी नगर स्थित उसके घर पर कुर्की की कार्रवाई का नोटिस चस्पा किया। साथ ही तालाबंद घर के बाहर मुनादी भी कराई।

    इस मामले में आयशा के पति डा. अखलाक की गिरफ्तारी हो चुकी है। 26 अप्रैल को आयशा को भी हत्यारोपितों को शरण देने का आरोपित बनाया गया था।दो अप्रैल को एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने डा. अखलाक को गिरफ्तार किया था। अखलाक को उमेश पाल हत्याकांड में साजिश का आरोपित बनाया गया था।

    अखलाक और उसकी पत्नी आयशा आरोपित की मदद कर रहे थे। अखलाक के घर के सीसीटीवी फुटेज में सामने आया था कि उमेश पाल हत्याकांड का आरोपित बमबाज गुड्डू मुस्लिम को शरण दी गई थी। साथ ही अखलाक की कार से भी आरोपितों की मदद की गई। अखलाक ने मुस्लिम गुड्डू को 50 हजार रुपये भी दिए थे।

    आयशा तभी से फरार चल रही है। प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने उसके घर पर 82 सीआरपीसी में नोटिस चस्पा कर दिया है। डा. अखलाक भावनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात था। अखलाक की बर्खास्तगी की कार्रवाई अभी जारी है।

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    क्‍या है उमेश पाल हत्‍याकांड

    प्रयागराज में उमेश पाल पेशे से वकील और बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के एकमात्र चश्मदीद गवाह थे। 24 फरवरी 2023 को दिन दहाड़े घर के सामने कार से उतरते ही उन्‍हें गोलियों और बम से भून दिया गया था। यह घटना धूमनगंज थाना क्षेत्र की थी। उमेश पाल सहित उनके दो सुरक्षा कर्मी भी मारे गए थे।

    यह घटना आसपास के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई थी। गोलियों और बम की आवाज से पूरा इलाका थर्रा गया था। तीनों को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां उमेश पाल और सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद को मृत घोषित कर दिया गया। राघवेंद्र का इलाज चला लेकिन उसके बावजूद उसने भी दम तोड़ दिया था