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विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस, मौन जुलूस के बहाने कांग्रेस के खिलाफ हुंकार भरेगी भाजपा

Published: Thu, 13 Aug 2026 07:50 PM (IST)

UP BJP: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जुलूस में शामिल होने के साथ ही विभाजन के दर्द और त्रासदी को नई आवाज देंगे।

भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पंकज चौधरी

भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पंकज चौधरी

HighLights

  1. हर घर तिरंगा अभियान से पार्टी सजा रही राष्ट्रवाद का चुनावी इंद्रधनुष

  2. विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस व मौन जुलूस में शामिल होंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भाजपा ने हर घर तिरंगा अभियान के बहाने राष्ट्रवाद की तान छेड़कर जेनजी को भावनात्मक रूप से साधने का दांव चला है, वहीं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मौन जुलूस निकालकर कांग्रेस के खिलाफ हुंकार भरने की तैयारी है।

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जुलूस में शामिल होने के साथ ही विभाजन के दर्द और त्रासदी को नई आवाज देंगे। पार्टी बताएगी कि कैसे तत्कालीन कांग्रेस नेताओं ने सत्ता की जल्दबाजी में देश में रक्तपात की परिस्थिति पैदा की।

ननकाना साहिब, पंजा साहिब, कटासराज, हिंगलाज माता मंदिर, शारदा पीठ और तक्षशिला जैसे सांस्कृतिक स्थल भारत के हाथ से निकल गए। वहीं, विभाजन की त्रासदी झेल रहे लोगों से कोई सहानुभूति भी नहीं रखी गई। इस बहाने भाजपा इस बात का भी जवाब देगी जहां कांग्रेस कहती रही है कि आजादी की लड़ाई में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी।

प्रदेशभर में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाते हुए पार्टी मौन जुलूस निकालेगी। इस दौरान संगोष्ठियों के लिए वक्ताओं के नाम मुख्यालय से भेजे जाएंगे। ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्र निर्माताओं के योगदान का स्मरण दिलाया जाएगा, जिन्हें कांग्रेस की सरकारों में विशेष पहचान एवं सम्मान नहीं मिला।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुक्रवार को भाजपा लखनऊ में मौन पदयात्रा निकालेगी। मौन पदयात्रा सरदार पटेल प्रतिमा से लोक भवन तक निकाली जाएगी। इसके बाद लोक भवन में विभाजन की विशेषता पर कार्यक्रम का आयोजन होगा।

इस दौरान विस्थापित परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से से विभाजन की पीड़ा साझा करेंगे। कार्यक्रम में प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म से उस त्रासदी से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री का संबोधन होगा।

पेपरलीक को लेकर जेनजी आक्रोश एवं राम मंदिर चंदा चढ़ावा समेत कई विषयों को लेकर संसद से सड़क तक राजनीति गरमाई हुई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आक्रामक रूप से भाजपा को घेरने में जुटे हैं। उनकी रणनीतिक काट के लिए भाजपा ने हर घर तिरंगा अभियान को भी आधार बनाया है। इसकी कमान युवाओं को दी गई। जिलों की संगोष्ठियों में भाजपा ऐसे वक्ताओं को भेजेगी, जो कांग्रेस एवं वामपंथ की विचाराधारा को देश विरोधी बता सकें।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस एवं मौन जुलूस से कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने वाला संदेश निकलेगा। 11 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम के बीच भाजपाई ऐसे बलिदानियों के घर पहुंचेंगे, जिन्हें पहचान नहीं मिली।

राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा। यह भी बताया जाएगा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में अलग संवैधानिक व्यवस्था का विरोध करते हुए ‘एक देश में दो विधान-दो प्रधान और दो निशान’ नहीं चलेंगे, जिसे बाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया।

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