लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में स्वाइन फ्लू व कोरोना संक्रमित भर्ती, अलग से की जा रही निगरानी
Swine Flu in UP: संस्थान के विभिन्न विभागों में अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती मरीजों और इलेक्टिव सर्जरी ...और पढ़ें

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान
HighLights
मामले का दबाने का प्रयास कर रहे संस्थान के सीएमएस, स्वाइन फ्लू संक्रमित मिलने से किया इंकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिया निर्देश और जनता से की अपील
जागरण संवाददाता, लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) और कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। संस्थान में ओपीडी से लेकर विभिन्न विभागों में भर्ती मरीजों और इलेक्टिव सर्जरी के लिए भर्ती मरीजों की जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
बेहद गंभीर बात यह है कि पूरे मामले को संस्थान प्रशासन दबाता रहा। संस्थान की पीआरओ कुसुम यादव ने बताया कि संस्थान की ओपीडी में कुछ मरीज इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस (आइएलआइ) के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीजों में बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी हल्के लक्षण हैं।
जांच के दौरान कुछ मरीजों में एच1एन1 और कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि संक्रमण केवल ओपीडी तक सीमित नहीं रहा। संस्थान के विभिन्न विभागों में अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती मरीजों और इलेक्टिव सर्जरी के लिए भर्ती कुछ मरीजों में भी आइएलआइ के लक्षण विकसित हुए। जांच में इनमें भी एच 1एन1 व कोरोना संक्रमण मिला है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. देवेंद्र गुप्ता ने संस्थान में स्वाइन फ्लू के मरीज होने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि पीजीआई में स्वाइन फ्लू के प्रकोप जैसी कोई स्थिति नहीं है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि संक्रमित मरीजों में अधिकांश उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और जिनका इलाज चल रहा है, उनकी स्थिति भी सामान्य है। पीजीआइ ने लोगों से घबराने के बजाय संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतने की अपील की है।
डॉक्टर की सलाह
संस्थान के माइक्रोबायलाजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ आरएस मारक का कहना है कि संक्रमण के लक्षण होने पर मास्क जरूर पहनें। हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। खासते और छींकते समय कफ एटिकेट का पालन करें। संक्रमण के लक्षण महसूस होने पर अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखने और आवश्यक होने पर स्वयं को आइसोलेट करने जैसी सावधानियां बरतें।
ओपीडी से सर्जरी तक पहुंचे संक्रमण के मामले
पीजीआइ के अनुसार कुछ मामले ओपीडी में सामने आए, जबकि अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती और इलेक्टिव सर्जरी के लिए भर्ती कुछ मरीजों में भी आइएलआइ के लक्षण विकसित हुए। जांच में कुछ मरीजों में एच 1 एन 1 और कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि संक्रमण के मामले छिटपुट हैं और किसी नए प्रकोप की स्थिति नहीं है।
स्वाइन फ्लू को लेकर सीएम योगी के निर्देश व अपील
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील करने के साथ प्रदेश के अधिकारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। जरा सा भी संदेह होने पर जांच कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर लगातार निगरानी रखें। जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश देने के साथ अस्पतालों में पर्याप्त तैयारी और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारी स्वाइन फ्लू की स्थिति पर प्रभावी मॉनिटरिंग करें।
