सहारनपुर में PNB के करेंसी चेस्ट में कैसे पहुंचे 17 करोड़ के नकली नोट? फर्जीवाड़े पर बड़ा खुलासा
सहारनपुर में PNB की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट मिलने के मामले में जांच से बड़े फर्जीवाड़े ...और पढ़ें

करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ के नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा।
HighLights
17 करोड़ के नकली नोट PNB करेंसी चेस्ट में मिले।
RBI के नए नोटों की फोटोकॉपी से बनाए गए नकली नोट।
दो आंतरिक, दो बाहरी स्टाफ निलंबित, जांच जारी।
पुलक त्रिपाठी, लखनऊ। सहारनपुर की सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले करीब 17 करोड़ रुपये के नकले नोट के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, घालमेल का तरीका भी सामने आने लगा है।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आरबीआइ से करेंसी चेस्ट में भेजे जाने वाले नए नोटों की फोटो कॉपी कर उनके जरिए नकली नोटों का खेल किया गया। चेस्ट में असली नोटों की जगह नकली करेंसी पहुंचाने और असली नोटों को ठिकाने लगाने की आशंका ने बैंकिंग व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पीएनबी मुख्यालय की टीमों ने सहारनपुर में डेरा डाल रखा है। पीएनबी के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से 16 अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। टीम का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि नकली नोट तैयार करने और उन्हें करेंसी चेस्ट में पहुंचाने के पीछे क्या हथकंडे अपनाए गए हैं और इस नेटवर्क के पीछे कौन कौन है।
फोटो कॉपी से असली जैसे नोट तैयार करने की आशंका
सूत्रों के मुताबिक जांच में यह सामने आ रहा है कि आरबीआइ से भेजी गई नई करेंसी के नोटों की फोटो कापी अथवा प्रिंट तैयार कर नकली नोट बनाए गए।
इसके बाद इन्हें असली नोटों के साथ करेंसी चेस्ट में शामिल किया गया। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि असली नोट चेस्ट से कब और किस तरह बाहर निकाले गए और उनके स्थान पर नकली नोट किस तरह से रखे गए।

कई अधिकारियों पर गाज गिरनी तय
बैंक के भीतर इतने बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ी को लेकर जांच बैंक प्रशासन व एजेंसियां कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह खेल कब से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
जांच पूरी होने के बाद आरोपितों की संख्या बढ़ने की संभावना है। पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों के अनुसार करेंसी चेस्ट से जुड़े दो इंटरनल और दो एक्सटर्नल स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि कई अन्य की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनकी भी जांच चल रही है।
