यूपी में 2017 से पहले तो पुलिस भी नहीं थी सुरक्षित, सीएम ने दिया आईपीएस अधिकारी की पिटाई का उदाहरण
UP Police: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने सभी आरोपितों को कठोर दंड दिलाया है। ...और पढ़ें
HighLights
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस के 930 कंप्यूटर आपरेटरों को सौंपा नियुक्ति पत्र
सीएम योगी आदित्यनाथ कहा-पहले आईएएस अधिकारी दबाए रहते थे आईपीएस की फाइलें
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी। उन्होंने मुरादाबाद की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में उपद्रवियों ने एक आईपीएस अधिकारी को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने सभी आरोपितों को कठोर दंड दिलाया है। उन्होंने कहा कि इसी राज्य में एक दौर वह भी था जब आइएएस अधिकारी आइपीएस अधिकारियों की फाइलें दबाए रहते थे। यमराज भी उन फाइलों को आगे नहीं बढ़वा सकते थे। हमने सत्ता में आने के बाद सात पुलिस कमिश्नरेट बनाए। यह व्यवस्था 1972 से ही थी, लेकिन उसे लागू करने की हिम्मत पहले की सरकारें जुटा नहीं पा रही थीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के लिए चयनित 930 कंप्यूटर आपरेटर(ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने नवनियुक्त कंप्यूटर आपरेटरों से कहा कि आप सभी स्मार्ट पुलिसिंग के डिजिटल योद्ध हैं। आप देश के सबसे बड़े पुलिस बल का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष पहले आप सभी नाबालिग थे। माता-पिता पर निर्भर थे। उनसे पूछिए कि कानून व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश का क्या हाल था, उत्सव से पहले उपद्रव हो जाता था। हर दो-चार दिन में कहीं न कहीं कर्फ्यू लगता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सत्ता में आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग के लिए तैयार किया। पुलिस के लिए पारदर्शिता से 2.25 लाख कार्मिकों की भर्ती की गई। राज्य में नौ वर्ष पहले तीन हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था नहीं थी, आज 60 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों को हम अपने राज्य में ही प्रशिक्षण दे रहे हैं। 56 जिलों में बहुमंजिली इमारतों में पुलिसकर्मियों के लिए बैरकों का निर्माण किया गया है।
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हमने फोरेंसिक लैब की संख्या चार से बढ़ाकर 12 की। हर जिले में मोबाइल फोरेंसिक लैब उपलब्ध कराई। हर थाने में साइबर सुरक्षा के लिए अलग सेल स्थापित किया गया। कानून व्यवस्था सुधरने से राज्य में निवेश आ रहा है। बड़े कारखानों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 32 हजार हो गई है। आज उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अन्य राज्यों की तुलना में तीसरे नंबर पर है। इससे पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, डीजीपी राजीव कृष्ण, एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा ने भी नवनियुक्त कंप्यूटर आपरेटरों को संबोधित किया।
इन्हें दिया नियुक्ति पत्र
जौनपुर के अरविंद कुमार, बिजनौर के पर्व कुमार, लखनऊ के नीरज कुमार व सैय्यद शादाब हुसैन, मुरादाबाद के अभय शुक्ला, चित्रकूट के सूरज दत्त पांडेय, बाराबंकी से अंशिका मिश्रा, हरदोई से अनामिका राजवंशी, लखीमपुर खीरी के अवधेश कुमार, आगरा के कोमल सिंह, बलिया की अर्चना कुमारी व रायबरेली के शिखर सिंह को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र सौंपा।