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UP में राज्यसभा के दसों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित, BJP के आठ और सपा के दो सदस्य पहुंचे उच्च सदन

Published: Fri, 09 Oct 2026 04:56 PM (IST)

UP Rajya Sabha Election Results 2026: उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों पर भाजपा के आठों और समाजवादी पार्टी के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।

भाजपा के आठ उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

भाजपा के आठ उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित 

HighLights

  1. दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने के बाद साफ हो गया था भाजपा और सपा के उम्मीदवारों का रास्ता\

  2. भाजपा से सभी आठ प्रत्याशी पहली बार जा रहे राज्यसभा, सपा के 80 वर्षीय रामगोपाल यादव का लगातार सफर

डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की दस सीटें बिना मतदान के फाइनल हो गईं। भाजपा के आठ और समाजवादी पार्टी के दो सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। दो निर्दलीय प्रत्याशियों के गुरुवार को पर्चे खारिज होने के बाद इनका निर्वाचन साफ हो गया था।

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की दस सीटों पर शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचन हो गया। इनमें भाजपा के आठ व सपा के दो प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई और फिर परिणाम के साथ थम गई। पीछे छोड़ गई कई प्रकार के चुनावी संदेश, जिसका असर विधान सभा चुनाव तक बना रहेगा।

राज्यसभा के चुनाव अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इनका कार्यकाल 26 नवंबर से आरंभ होगा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव का नाम तय माना जा रहा था, लेकिन दूसरे नाम पर तमाम कयासों के बीच अखिलेश यादव ने उद्यमी धनराज नाथवानी को टिकट देकर सबको चौंका दिया। वह 12 अक्टूबर को अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र लेंगे।

भाजपा ने भी कई हाईप्रोफाइल नामों के बजाय साधारण एवं अपेक्षाकृत कम पहचान रखने वाले चेहरों गोपीकृष्ण पांडेय, राधा कांत ओझा, राम प्रताप सिंह, प्रकाश पाल, प्रियंका सिंह रावत, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर एवं धर्मपाल सिंह को उम्मीदवार बनाया।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने राज्य सभा निर्वाचन प्रमाण पत्र पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के चरणों में समर्पित किया, फिर अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोध समाज की राजनीतिक ताकत का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र हिंदुत्व के पुरोधा बाबूजी के समाज में जनजागरण का प्रतिफल है।

उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों पर भाजपा के आठों और समाजवादी पार्टी के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। नामांकन पत्रों की जांच में दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने और नाम वापसी की अंतिम तिथि तक किसी के पीछे न हटने से दस सीटों के लिए ठीक दस वैध उम्मीदवार रह गए। इसके कारण 16 अक्टूबर को निर्धारित मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।

भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचित सदस्यों में राज्य मंत्री धर्मपाल सिंह, पार्टी के ओबीसी मोर्चा प्रमुख प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पाण्डेय और राम प्रताप सिंह चौहान हैं। समाजवादी पार्टी से वरिष्ठ नेता और पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव 80 वर्षी राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक धनराज परिमल नथवानी राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

दस सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इन दस सीटों में से आठ भाजपा और एक-एक सपा व बसपा के पास थीं। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के अनुसार भाजपा गठबंधन आठ और सपा दो सीटों पर काबिज रही। बसपा का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया। रिटर्निंग अधिकारी ने निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर दी है।

भाजपा से निर्वाचित

विद्यासागर सोनकर
प्रियंका सिंह रावत
गोपी कृष्ण पाण्डेय
धर्मपाल सिंह
राधाकांत ओझा
प्रकाश पाल
रामप्रताप सिंह चौहान
श्रुति गंगवार।

समाजवादी पार्टी से दो उम्मीदवार पहुंचे राज्यसभा

प्रो. रामगोपाल यादव
धनराज परिमल नाथवानी।

इनका निरस्त हुआ था नामांकन पत्र

राज्यसभा चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद तेलंगाना के कांटे सायन्ना और लखनऊ के ओमकार नाथ चौरसिया समेत दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त कर दिए गए। इन दोनों के पास नामांकन के लिए जरूरी 10 विधायक प्रस्तावक के रूप में नहीं थे, इसलिए दोनों ने बगैर प्रस्तावकों का नाम लिखे ही अपने नामांकन पत्र जमा कर दिए थे। चुनाव अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने बुधवार को जांच के दौरान दोनों के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए। दस सीटों के लिए दस प्रत्याशी ही मैदान में बचे थे। नौ अक्टूबर को नाम वापसी के बाद इनके निर्वाचन की घोषणा कर दी गई।

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