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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Terror of Jalaluddin Alias Changur Gang : कचहरी में नमस्कार करने वालों को पैसे बांटते थे छांगुर के गुर्गे

    Updated: Mon, 14 Jul 2025 04:44 PM (IST)

    Terror of Jalaluddin Alias Changur Gang नरेंद्र कहते हैं कि छांगुर कुछ दिन तो अपने गुट में शामिल करने के लिए प्रलोभन देता रहा और दर्शाता रहा कि वही स ...और पढ़ें

    छांगुर के गुर्गे नमस्कार करने वालों को बांटते थे पैसे - नरेंद्र मिश्रा और हरजीत कश्यप
    छांगुर के गुर्गे नमस्कार करने वालों को बांटते थे पैसे - नरेंद्र मिश्रा और हरजीत कश्यप

    HighLights

    1. बात न मानने वालों को फर्जी मामले में फंसवाता था छांगुर
    2. नरेंद्र मिश्रा को ब्राह्मण होने के कारण 16 लाख का दिया था आफर

    अंशू दीक्षित, लखनऊ : बलरामपुर के थाना हरैया, ग्राम हिडुलीकला के रहने वाले नरेंद्र मिश्रा भी छांगुर उर्फ जलालुद्दीन के प्रभाव में आ गए थे। यह खुलासा नरेंद्र ने विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के गोमती नगर स्थित प्रदेश कार्यालय में किया। नरेंद्र के मुताबिक छांगुर लोगों को गलत मामले में फंसाता था, उन्हीं मामलों में कोर्ट केस चलते थे और उनकी पैरवी में लव लशकर से आता था।

    नरेंद्र अपने मित्र शिवशंकर पाठक के साथ कचहरी जाया करते थे। कचहरी में छांगुर अपने 20 से 25 गुर्गों के साथ आया करता था। इस दौरान जो लोग छांगुर से दुआ सलाम करते थे, छांगुर के गुर्गे उन्हें पैसे देते थे, उनकी जेब में कभी 200 तो कभी 500 की नोट डाल दी जाती थी। जैसे-जैसे आदमी लालच में पड़ता, उसे फिर छांगुर की कोठी पर बुलाया जाता था।

    गुट में शामिल करने के लिए प्रलोभन देता रहा

    सूफी संत की नौटंकी वहीं से शुरू होती थी। नरेंद्र कहते हैं कि छांगुर कुछ दिन तो अपने गुट में शामिल करने के लिए प्रलोभन देता रहा और दर्शाता रहा कि वही सबकुछ है और बलरामपुर में उसके बिना पत्ता नहीं हिल सकता। इस दौरान उसे कई बार पैसे मिल चुके थे।

    पंद्रह से साेलह लाख रुपये तुम्हें मिलेंगे

    एक दिन अचानक उसके गुर्गे आते हैं और कहते हैं कि छांगुर ने बुलाया है। छांगुर ने सीधे कहा कि क्यों भटक रहे हो, धर्म एक ही है। मेरे साथ आ जाओ, यह तुम कुलीन ब्राह्मण हो, तुम अगर आते हो तो पंद्रह से साेलह लाख रुपये तुम्हें मिलेंगे।

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    हरजीत कश्यप भी छांगुर से प्रभावित हाे गया

    यही नहीं जितने ब्राह्मणों को लाओगे, उतना पैसा कमा सकते हो। फिर गोमांस का दबाव बनाने लगे, यही से बात बिगड़ गई। इसी तरह से हरजीत कश्यप भी छांगुर से प्रभावित हाे गया और लगातार बलरामपुर के चक्कर लगाने लगा। 

    लखनऊ की पीड़िता ने बताया कि पैसे मिला कभी नहीं। पीड़ित के मुताबिक वर्ष 2016 में अमित नाम के युवक से पढ़ाई के दौरान संपर्क हुआ था। वर्ष 2020 में जब शादी हुई तो अमित उर्फ आबू आमिर अंसारी का खुलासा हुआ। उसने पहले धर्म बदलवाया और फिर प्रताड़ित करने लगा।

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    इन सब के पीछे छांगुर का नाम

    इस दौरान अकसर उसके पास फोन आते थे तभी शक हुआ कि मतांतरण करने वालों के पास पैसा जाता है। इन सब के पीछे छांगुर का नाम आता था। यह कहा से आता था और किसके जरिए पहुंचाया जाता था, उसके बारे में फोन पर कोड में बातें होती थी, जो समझ से परे थी।

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    पीड़िता मानवी शर्मा कहती हैं कि उनके घर में रूद्र शर्मा आता था। इस दौरान वह मां ज्योती का मुंह बोला भाई बन गया। हम लोग उसे मामा कहते थे और मंदिर भी जाता था। बाद में पता चला कि वह मेराज अंसारी है, उसने जबरन मतांतरण करवाया था। 

    जबरन निकाह करवाने में मदद

    मानवी से मेरा नाम बदलकर जैनब रख दिया, उसके साथ एक मौलवी भी था। जिसने जबरन निकाह करवाने में मदद की थी और शबा नाम की औरत, जो मेराज की मां फर्जी रूप से बनी थी। यह लोग कुछ लेनी देनी की बात करते थे, लेकिन कभी कुछ दिया नहीं।