यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस के एक्शन पर उठाए सवाल; हाथरस हादसे में मैनपुरी से हुई गिरफ्तारी पर भड़के सपा प्रमुख
UP News In Hindi हाथरस भगदड़ मामले में यूपी पुलिस ने मैनपुरी से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद परिवार के सदस्य ने अखिलेश यादव को ...और पढ़ें

HighLights
- अखिलेश ने कहा, इस तरह की गिरफ्तारी अपने आप में एक षड्यंत्र
- मैनपुरी से गिरफ्तार हुए एक व्यक्ति का पत्र एक्स पर शेयर किया
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। हाथरस भगदड़ मामले में पुलिस नारायण साकार हरि के सत्संग का आयोजन करने वालों को गिरफ्तार कर रही है। पुलिस ने मैनपुरी से भी कुछ गिरफ्तारियां की हैं। इस प्रकरण में रामलड़ैते नामक शख्स का पत्र सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की पुलिस पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव ने पोस्ट करते हुए लिखा है कि उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन ‘हाथरस हादसे’ में अपनी नाकामी छुपाने के लिए छोटी-मोटी गिरफ़्तारियां दिखाकर सैकड़ों लोगों की मौत से अपनी ज़िम्मेदारी का पल्ला झाड़ना चाहता है। अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब ये निकलेगा कि इस तरह के आयोजन में हुई शासनिक-प्रशासनिक विफलता से किसी ने कोई सबक नहीं लिया और ऐसी दुर्घटनाएं भविष्य में भी दोहरायी जाती रहेंगी।
गिरफ्तारियां एक षड्यंत्र
शासन-प्रशासन किसी खास मंशा से व्यर्थ में ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर रहा है, जो मूल आयोजन स्थल से दूर थे और गिरफ़्तारी के बाद उनको ही दोषी ठहराये जाने की तैयारी कर रहा है। ये गिरफ़्तारियां स्वयं में एक षड्यंत्र हैं। इन गिरफ़्तारियों की तुरंत न्यायिक जांच हो, जिससे उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का खेल जनता के सामने लाया जा सके।
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गरीबों से सरोकार नहीं
अगर भाजपा सरकार ये कहती है कि ऐसे आयोजन से उसका कोई लेना-देना नहीं था, तो फिर भाजपा सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक़ नहीं। इस कार्यक्रम में आये अधिकांश ग़रीब लोग दुखी, शोषित, पीड़ित, वंचित, दमित थे, इस आधार पर इसका मतलब तो ये भी निकलता है कि ऐसे लोगों से भाजपा सरकार का कोई सरोकार नहीं है। जबकि सबसे पहले सरकार का ध्यान ऐसे लोगों की तरफ़ ही जाना चाहिए।
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उप्र शासन-प्रशासन ‘हाथरस हादसे’ में अपनी नाकामी छुपाने के लिए, छोटी-मोटी गिरफ़्तारियाँ दिखाकर सैकड़ों लोगों की मौत से अपनी ज़िम्मेदारी का पल्ला झाड़ना चाहता है। अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब ये निकलेगा कि इस तरह के आयोजन में हुई शासनिक-प्रशासनिक विफलता से किसी ने कोई सबक़ नहीं लिया और… pic.twitter.com/JTopRml0SL
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 6, 2024