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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 कर दीजिए', देवभूमि में 15 स्थानों के नाम बदलने पर अखिलेश का धामी पर तंज

    Updated: Tue, 01 Apr 2025 11:38 AM (IST)

    उत्तराखंड सरकार ने गुलामी के प्रतीक चिह्नों को हटाने और ब्रिटिशकालीन नामों को बदलने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सि ...और पढ़ें

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड में गुलामी के प्रतीक चिह्न हटाने के साथ ही विभिन्न स्थानों के ब्रिटिशकालीन नाम बदलने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को चार जिलों हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर के 15 स्थानों के नाम बदलने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की।

    स्थानों के नाम बदलने को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धामी सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा की कार्रवाई में शामिल होने जा रहे अखिलेश ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा- उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 करने देना चाहिए। उत्तर प्रदेश का नाम भी उत्तराखंड से उन्हें जोड़ देना चाहिए।'

    औरंगजेबपुर बना शिवाजी नगर

    बता दें सीएम धामी ने जिन स्थानों के नाम बदलने की घोषणा की है। इनमें नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी भी शामिल है, जिसे अब कौशल्या पुरी के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह हरिद्वार का औरंगजेबपुर अब शिवाजी नगर व नैनीताल में नवाबी रोड को अब अटल मार्ग के नाम से जाना जाएगा।

    जोशीमठ को किया गया ज्योतिर्मठ

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनभावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप विभिन्न स्थानों का नामकरण किया जा रहा है। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश सरकार समेत कुछ अन्य राज्यों ने भी अपने नाम बदलने की शुरुआत की थी। इसके पश्चात उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों के नाम बदले गए। इनमें घाट नगर पंचायत का नाम बदलकर नंदानगर किया गया तो जोशीमठ को ज्योतिर्मठ नाम दिया गया।

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    पहले से उठ रही थी नाम बदलने की मांग

    इस बीच राज्य के विभिन्न जिलों के स्थानों, सड़कों व शहरों के गुलामी के प्रतीक चिह्नों को हटाने के क्रम में नाम बदलकर भारतीय संस्कृति के अनुरूप नामकरण की मांग उठती रही है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 15 स्थानों के नाम परिवर्तित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि इससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकेंगे।

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