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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मीठी यादें छोड़ गया संवादी

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Mon, 12 Oct 2015 04:38 PM (IST)

मंच तक जाने को अभिनेता और रंगकर्मी गिरीश कर्नाड का नाम जैसे ही पुकारा गया, तालियों की गडग़ड़ाहट से सभागार गूंज उठा। इस स्टैंडिंग ओवेशन से अभिभूत कर्नाड कुछ और विनम्र हो गए। रजत कपूर के नाटक 'नथिंग लाइक लियर' पर अभिनेता विनय पाठक के जबर्दस्त अभिनय से दर्शक सम्मोहन

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लखनऊ। मंच तक जाने को अभिनेता और रंगकर्मी गिरीश कर्नाड का नाम जैसे ही पुकारा गया, तालियों की गडग़ड़ाहट से सभागार गूंज उठा। इस स्टैंडिंग ओवेशन से अभिभूत कर्नाड कुछ और विनम्र हो गए। रजत कपूर के नाटक 'नथिंग लाइक लियर' पर अभिनेता विनय पाठक के जबर्दस्त अभिनय से दर्शक सम्मोहन की मुद्रा में जड़ हो गए।

कल सम्पन्न अभिव्यक्ति के तीन दिवसीय उत्सव संवादी में वे सारे रंग थे जिन्होंने दर्शकों को लगातार अपने साथ जोड़े रखा। मेघना गुलजार ने फिल्म तलवार की निर्माण कथा साझा की और केतन मेहता ने मांझी की। सुरेंद्र मोहन पाठक ने साहित्यकारों को ललकारा तो दिलीप वेंगसरकर ने अपनी खूबसूरत बातों के कवर ड्राइव से मंत्रमुग्ध किया। अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने मां डॉ. नलिनी दत्ता की कविता व लघु कथाओं के जरिए दर्शकों से ऐसा संवाद स्थापित किया कि लगा घर की बैठक में हों।

खचाखच भरे सभागार में जब यह घोषणा हुई कि दैनिक जागरण हिंदी की बेस्ट सेलर पुस्तकों की तिमाही सूची निकालेगा तो दर्शकों में उत्साह भर गया। बहुप्रतीक्षित घोषणा थी। वे विशिष्टजन जिन्हें दर्शक या तो सिनेमा के पर्दे पर देखते थे या किताबों के कवर पर, तीन दिन उनसे रू ब रू थे। जितना सुख लोगों को भारतेंदु नाट्य अकादमी के हॉल के भीतर की चर्चा में आ रहा था, उतना ही आनंद उन्होंने अकादमी परिसर में हो रहे विविध आयोजनों में शामिल होकर उठाया। 'पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त, हम फिर मिलेंगे'...कहते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के असलम उस समय भावुक हो गए जब वह अपने उस दोस्त को विदा कर रहे थे जो तीन दिनों में ही उनका खास हो गया था। असलम के उस दोस्त जैसे न जाने कितने थे जो जागरण 'संवादी' में महारथियों को देखने, सुनने और गुनने आए थे। अमर कथा शिल्पी अमृतलाल नागर को श्रद्धांजलि देने जुटे फनकारों ने उनके गृहनगर में अपनी-अपनी विधाओं के जरिए यह संदेश भी दिया कि समाज बनाने का आधार सोच, संवाद, और संवेदनाएं हैं। प्रो. पुष्पेश पंत द्वारा भारतीय समाज में ऋतु-रति और रसोई के अति प्राचीन रहस्य संबंध की गांठें खोली गईं तो संवादी में जुटे लोग उनके और घर-घर में बनती रसोई के नए आयाम से परिचित हुए। कल अभिनेता विनय पाठक और रजत कपूर के नाट्य मंचन 'नथिंग लाइक लियर' के साथ अपने प्रिय दर्शकों से संवादी ने यह वादा किया कि अगले बरस वह और निखरेगी...।