यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सपा ने भी देखा है INDIA को BHARAT करने का ख्वाब, मुलायम सिंह विधानसभा में पेश कर चुके प्रस्ताव
India Or Bharat सपा ने वर्ष 2004 के चुनावी घोषणापत्र में भी देश का नाम ‘इंडिया’ से भारत करने के लिए संविधान संशोधन का वादा किया था। सरकार बनने के बाद ...और पढ़ें

HighLights
- मुलायम सिंह ने वर्ष 2004 में पास कराया था इंडिया का नाम भारत करने का प्रस्ताव
- विधानसभा में मुख्यमंत्री रहते पेश किया था संविधान संशोधन का प्रस्ताव
- सर्वसम्मति से पास हुआ था केंद्र को संविधान संशोधन भेजने का प्रस्ताव
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। इंडिया या भारत देश के नाम को लेकर इन दिनों बहस चल रही है। इस बहस ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब राजधानी दिल्ली में होने वाली जी-20 की बैठक के दौरान राष्ट्रपति भवन में होने वाले रात्रि भोज के निमंत्रण पत्र में 'प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसीडेंट आफ भारत' लिखा गया है।
मुलायम ने खुद प्रस्ताव सदन में किया पेश
वैसे इंडिया का नाम भारत करने का प्रस्ताव मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2004 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान विधानसभा से पास कराया था। मुलायम ने खुद यह प्रस्ताव सदन में पेश किया था। इसे सर्वसम्मति से पास कराते हुए संविधान के अनुच्छेद एक में संशोधन के लिए केंद्र सरकार भेजने की बात कही थी।
घोषणा पत्र में भी नाम बदलने पर काम
सपा ने वर्ष 2004 के चुनावी घोषणापत्र में भी देश का नाम ‘इंडिया’ से भारत करने के लिए संविधान संशोधन का वादा किया था। सरकार बनने के बाद मुलायम सिंह ने तीन अगस्त 2004 को विधानसभा में देश का नाम बदलने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था।
इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से संविधान के भाग-1 के अनुच्छेद-1 में ‘इंडिया दैट इज भारत’ के स्थान पर ‘भारत दैट इज इंडिया’ करने के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन करने की बात थी। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ था।
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भारत दैट इज इंडिया, का रहा प्रस्ताव...
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी कहते हैं कि मुलायम सिंह हमेशा एक देश एक नाम के पक्ष में थे। उन्होंने खुद विधानसभा में संविधान में दर्ज ‘इंडिया दैट इज भारत’ के स्थान पर ‘भारत दैट इज इंडिया’ करने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था।