यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ऑक्सीजन स्तर गिरने नहीं देगा पालक-चुकंदर का सूप, इम्यूनिटी भी होगी मजबूत; ऐसे करें तैयार
प्राकृतिक रूप से मौजूद आयरन और नाइट्रिक ऑक्साइड फेफड़ों को देते हैं भरपूर आक्सीजन। 40 मरीजों में सफलता के बाद लोहिया संस्थान के आयुर्वेदाचार्य ने आयुष ...और पढ़ें

लखनऊ, [धर्मेंद्र मिश्रा]। कोरोना के घातक संक्रमण से छलनी हो रहे मरीजों के फेफड़ों को भरपूर ऑक्साइड नहीं मिल पा रही है। इससे उनकी जान आफत में पड़ रही है। आक्सीजन सिलिंडर ढूंढ़़़ने व अस्पतालों में बेड का इंतजाम करने में इतना अधिक समय बर्बाद हो रहा है कि उपचार शुरू होने से पहले ही ज्यादातर मरीज दम तोड़ दे रहे हैं। हर तरफ मौतों का तांडव और तीमारदारों की बेबसी है। जबकि, इसका इलाज आपके घर में ही मौजूद है। विशेषज्ञों के अनुसार पालक व चुकंदर का सूप कोरोना मरीजों में आक्सीजन स्तर को गिरने नहीं देता। इसे पीने से फेफड़ों को पर्याप्त आक्सीजन मिलती है, जिससे वह मजबूती से कोरोना से जंग लड़ते हैं। करीब 40 कोरोना मरीजों में सफलता के बाद लोहिया संस्थान के आयुर्वेदाचार्य डा. एसके पांडेय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व सीएम को पत्र लिखकर अन्य मरीजों पर भी इस प्रयोग को आजमाने की मांग की है, ताकि मरीजों को गंभीर होने से बचाया जा सके।
डा. एसके पांडेय कहते हैं कि एलोपैथ में कोरोना के इलाज में मरीजों को जो जिंक, विटामिन बी-12, विटामिन-सी, कैल्शियम इत्यादि दिया जा रहा है, वह सब पालक व चुकंदर में प्राकृतिक रूप से मौजूद हैं। इसमें आयरन व नाइट्रिक ऑक्साइड भी प्रचुर मात्रा में है। चुकंदर में प्राकृतिक रूप से मौजूद नाइट्रिक ऑक्साइड फेफड़ों व शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाता है। साथी वायरस से मजबूती से लड़ता है। रक्त में आक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है। इससे फेफड़ों को भरपूर आक्सीजन मिलती है। साथ ही इसका सूप लाल रुधिर कणिकाओं (आरबीसी) और श्वेत रुधिर कणिकाओं (डबल्यूबीसी) को भी बढ़ता है। इससे कोरोना के खिलाफ लडऩे के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
फेफड़ों में आक्सीजन संवहन करता है आरबीसी : डा. एसके पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण होने पर फेफड़ों की धमनियां संकुचित होने लगती हैं। इससे फेफड़ों में पर्याप्त आक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इस स्थिति में निमोनिया भी हो जाता है। फलस्वरूप फेफड़ों में पानी भरने लगता है। ऐसे में मरीज का आक्सीजन स्तर तेजी से नीचे गिरता है। मगर पालक-चुकंदर का सूप लेने से आरबीसी बढ़ता है। आरबीसी फेफड़ों तक आक्सीजन संवहन का काम करता है। पर्याप्त आक्सीजन मिलने से फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ती है।
आयरन में मौजूद नाइट्रिक ऑक्साइड फेफड़ों तक पहुंचने वाले रक्त में आक्सीजन की मात्रा और भी बढ़ा देता है। ऐसे में मरीज का आक्सीजन स्तर गिरता नहीं है। वह गंभीर होने से बच जाते हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो वर्ष से गहन शोध कर इसे न्यूरो के मरीजों में ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करने के लिए दिया जा रहा था। यह बंद रक्त वाहिकाओं को खोलने का भी काम करता है। इससे शरीर के जरूरी हिस्सों को पर्याप्त आक्सीजन मिलती है। अब इसे कोरोना मरीजों में भी यह कारगर पाया गया है।
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ऐसे बनाएं सूप : पालक एक किलो और चुकंदर आधा किलो लेकर उसे कुकर में बिना पानी के 10 मिनट तक उबाल लें। इस दौरान पालक व चुकंदर के उबले हुए घनसत्व को बतौर सूप इस्तेमाल करने के लिए छान लें। फिर इसमें सेंधा नमक व नींबू मिलाकर ले सकते हैं। जो लोग पॉजिटिव नहीं हैं, वह भी इसे ले सकते हैं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी।