100 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी, एक गिरफ्तार; यूपी, एमपी, दिल्ली सहित कई राज्यों में बनाई थी फर्जी फर्में
एसटीएफ ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक प्रमुख सदस्य केशवानी अब्बास हुसैन को पुणे से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

HighLights
एसटीएफ ने 100 करोड़ जीएसटी चोरी के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया।
फर्जी फर्मों से इनपुट टैक्स क्रेडिट बेचकर सरकार को राजस्व नुकसान।
अंतरराज्यीय गिरोह कई राज्यों में फर्जी फर्मों से सक्रिय था।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के लुंकड जोडियेक विमान नगर का रहने वाला है। वह वर्तमान में पुणे में सक्रिय था। उसके कब्जे से दो लैपटाप, दो मोबाइल फोन और एक पासपोर्ट बरामद किया गया है।
जांच में सामने आया है कि अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई बोगस फर्में बनाता था। इन फर्मों के जरिए फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ईटीसी) बेचता था, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा था।
गुजरात से संचालित किया जाने वाला यह गिरोह उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य विभिन्न फर्मों के जीएसटी नंबर, लागिन आइडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर फर्जी रिटर्न फाइल करते थे और बैंक खातों के जरिए लेनदेन को वैध दिखाकर जीएसटी चोरी कर रहे थे।
एसटीएफ को इस मामले में थाना इंदिरा नगर, लखनऊ में दर्ज मुकदमे के तहत जांच में सहयोग के लिए लगाया गया था। सूचना के आधार पर टीम ने 22 मार्च को पुणे में दबिश देकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह ने ‘अराध्या इंटरप्राइजेज’, ‘एसएम ट्रेडर्स’, ‘राठौड़ एंटरप्राइजेज’ और ‘गौड़ ट्रेडिंग’ जैसी कई फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की कर चोरी की है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।