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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तर प्रदेश में फास्फेटिक उर्वरकों की मांग में एकाएक वृद्धि, केंद्रीय उर्वरक सचिव से मिले कृषि मंत्री शाही

    Updated: Mon, 18 Nov 2024 06:46 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश में रबी फसलों के लिए उर्वरक की मांग बढ़ गई है जिसे देखते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। उन्होंने उर्व ...और पढ़ें

    शाही ने एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार केंद्र सरकार से गुहार लगाई है।
    शाही ने एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार केंद्र सरकार से गुहार लगाई है।

    HighLights

    1. केंद्र सरकार से की 12 रैक प्रतिदिन उर्वरक आपूर्ति की मांग
    2. एक पखवारे के भीतर दूसरी बार भारत सरकार से लगाई गुहार

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में रबी फसलों के लिए बढ़ती उर्वरक की मांग को देखते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। 

    शाही ने सोमवार को उर्वरक और रसायन मंत्रालय के सचिव रजत कुमार मिश्रा से मुलाकात कर नवंबर माह के शेष दिनों के लिए 12 रैक उर्वरक प्रतिदिन यूपी को मुहैया कराने का अनुरोध किया है। इससे पूर्व पांच नवंबर को कृषि मंत्री ने केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर उर्वरक की कमी दूर करने की मांग की थी।

    उर्वरकों की मांग में एकाएक वृद्धि

    कृषि मंत्री शाही ने केंद्रीय सचिव को उर्वरक की बढ़ती मांग की जानकारी देते हुए बताया कि रबी फसलों की बुआई के दौरान प्रदेश में फास्फेटिक उर्वरकों की मांग में एकाएक वृद्धि हुई है। 

    किसानों के द्वारा दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बुआई लगभग पूरी कर ली गई है और रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं की बुआई भी पूरे प्रदेश में एक साथ प्रारंभ हो गई है। आलू व गन्ना फसलों की बुआई का कार्य भी शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। वर्तमान में लगभग 16000 टन डीएपी व 11000 टन एनपीके का क्रय किसानों द्वारा किया जा रहा है। 

    कम से कम 12 रैक फास्फेटिक उर्वरकों की प्रतिदिन आपूर्ति हो

    कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में एक साथ गेहूं की बुआई को देखते हुए कम से कम 12 रैक फास्फेटिक उर्वरकों की प्रतिदिन आपूर्ति माह नवंबर माह के शेष दिनों में की जाए। 

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    इसके साथ ही प्रदेश के पश्चिमी व बुंदेलखंड के जिलों में जहां पर अगेती बुआई का कार्य चल रहा है, उन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर रैक भेजने का अनुरोध कृषि मंत्री ने किया। बैठक के दौरान गत वर्ष अक्टूबर व नवंबर की खपत को देखते हुए इस वर्ष भी उतनी मात्रा में डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई। 

    उर्वरक सचिव ने कृषि मंत्री को आश्वस्त किया कि यूपी को फास्फेटिक उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी साथ ही पश्चिमी पोर्ट से अधिक से अधिक खाद भेजी जाएगी। 

    कृषि मंत्री ने सहकारिता का आवंटन बढ़ाने व पूर्वी पोर्ट से उर्वरक आपूर्ति में पूर्वांचल के प्रयागराज व अयोध्या मंडल के जिलों को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया। इस मौके पर अपर सचिव उर्वरक अनीता मेश्राम, कृषि सचिव अनुराग यादव व निदेशक परिसंचलन हरविंदर सिंह भी उपस्थित रहे।

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