PWD के निर्देश: यूपी में सड़कों के निर्माण में अब डामर की जगह सीमेंट-कंक्रीट का होगा अधिक प्रयोग
पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण डामर की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट का प् ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण बिटुमिन (डामर) आपूर्ति में आ रही दिक्कतों का समाधान लोक निर्माण विभाग ने ढूंढ लिया है। अब सड़क निर्माण में डामर का प्रयोग न्यूनतम किया जाएगा। इसके स्थान पर सीमंट ट्रीटेड सब बेस (सीटीएसबी) तथा सीमेंट ट्रीटेट बेस (सीटीबी) का प्रयोग अधिक किया जाएगा। सीमेंट-कंक्रीक का प्रयोग अधिक होने पर सड़कें अधिक मजबूत बनेंगी।
पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष ने सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट का प्रयोग बढ़ाने का निर्देश जारी
मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग और अन्य जिला मार्ग के नवीनीकरण कार्य में मार्गों की आबादी वाले ऐसे भाग जिनकी सतह पर अधिक टूट-फूट नहीं है, वहां नवीनीकरण का कार्य बिटुमिन-कंक्रीट (बीसी) के स्थान पर माइक्रो सरफेसिंग से करने के निर्देश दिए हैं।
बिटुमिन लेयर का ही प्रविधान किया जाना आवश्यक है
इन सड़कों के सुदृढीकरण के कार्य में जहां वेट मिक्स मैकाडम (डब्ल्यूएमएम) की एक या दो कोट बनानी है वहां सीमेंट ट्रीटेट बेस बनाने के लिए कहा गया है। यदि बिटुमिन सतह के ऊपर केवल बिटुमिन लेयर का ही प्रविधान किया जाना आवश्यक है तो वहां सीमेंट ट्रीटेट बेस नहीं बनाने के लिए कहा गया है।
सीएम निर्देश पर सड़क निर्माण में डामर का प्रयोग न्यूनतम करने की योजना तैयार
ग्रीन फील्ड मार्ग के निर्माण में प्राकृतिक मिट्टी, कूटे हुए पत्थरों, बजरी और रेती की दानेदार नींव (ग्रेन्युलर सब बेस) के स्थान पर सीमेंट ट्रीटेड बेस बनाने का प्रविधान दिया गया है। ग्रामीण मार्गों के नवनिर्माण में ऐसे मार्ग जिनकी लंबाई दो किमी से अधिक है और यातायात का दबाव भी है तो ऐसी सड़कों में सीमेंट-कंक्रीट की डिजाइन तैयार करने के लिए कहा गया है।