यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के परिषदीय स्कूलों में समय से पहुंचेंगी किताबें, शुरू हुई तैयारी... पाठ्य-पुस्तकें नहीं पहुंचाई तो नपेंगे BSA
उत्तर प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए नए शैक्षिक सत्र 2025-26 में पाठ्य-पुस्तकें समय पर पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई ह ...और पढ़ें

HighLights
- स्कूलों तक पाठ्य-पुस्तकें न पहुंचाई तो नपेंगे बीएसए
- नया सत्र के शुरू होने से पहले पहुंचानी होंगी पुस्तकें
- शिक्षकों से किताबों की ढुलाई कराई तो होगी कार्रवाई
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र 2025-26 में पाठ्य-पुस्तकें समय पर पहुंचाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश दिए गए हैं कि वे किताबें विद्यालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) तक ही किताबें न ही पहुंचाई जाएं, बल्कि प्रत्येक विद्यालय तक इसे पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। पाठ्य-पुस्तकों की ढुलाई में होने वाले खर्च का आंकलन कर बजट विभाग से मांगें।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से नए सत्र के लिए किताबों के वितरण की व्यवस्था अभी से शुरू किए जाने के आदेश सभी जिलों के बीएसए को दिए गए हैं। वर्तमान शैक्षिक सत्र में अधिकांश जिलों से शिकायतें आईं थी कि ब्लॉक संसाधन केंद्रों से किताबों की ढुलाई शिक्षकों से कराई गई।
किताबें समय से स्कूलों में पहुंचेंगी
प्रधानाध्यापक ने किसी तरह इन्हें विद्यालय पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके कारण किताबें समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पाईं। ऐसे में एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र से पहले ही जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। अगर किसी जिले में किताबें देर से पहुंचने या शिक्षकों से ढुलाई कराने की शिकायत मिली तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) व बीएसए से जवाब-तलब किया जाएगा।

उनकी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। कई बार शिक्षकों द्वारा मोटरसाइकिल या फिर शिक्षामित्र की मदद से साइकिल पर किताबें लादकर विद्यालय ले जाने की शिकायतें मिलती हैं। अब विद्या समीक्षा केंद्र की मदद से राज्य स्तर से इसकी निगरानी भी की जाएगी। शिक्षक व अन्य लोग यहां गोपनीय शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।