SIR in UP : मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां का आज आखिरी दिन, जुड़वा लें नाम
UP SIR Claim Last Date: यूपी एसआईआर के तहत आज तक दावा-आपत्तियों का आज आखिरी दिन है। इस बार के फाइनल वोटर लिस्ट में नाम के लिए फॉर्म-6 भी भरा जा सकता ह ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा
HighLights
फॉर्म 6 भरने वाले मतदाता का नाम एसआईआर वाली मतदाता सूची में होगा शामिल
82.34 लाख लोगों ने वोटर बनने के लिए भरा फॉर्म 6
भरे जा चुके हैं 2.84 लाख फॉर्म 7, जिनके नाम काटने की प्रक्रिया शुरू
डिजिटल डेस्क, लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया अंतिम चरण की ओर रही है। प्रदेश में वोटर लिस्ट की एसआईआर प्रक्रिया में दावे व आपत्तियां दाखिल करने का आज यानी शुक्रवार को अंतिम दिन है।
चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर दावा-आपत्ति के लिए पूरी तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा की ओर से सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वोटरों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरा जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक बूथ पर पर्याप्त मात्रा में फॉर्म-6, फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में बीएलओ के पास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सीईओ ने जिला प्रशासन से कहा है कि लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया जाए। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम का मिलान नहीं हो सका है और 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है।
एसआईआर के तहत फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन की तैयारी इसी के साथ शुरू होगी। ऐसे में आज तक जो भी वोटर फॉर्म-6 भरेंगे, उनका नाम एसआईआर के तहत प्रकाशित होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल होगा। वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, लेकिन उन वोटरों का नाम एसआईआर वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होगा।
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इस स्थिति में 20-22 वर्ष बाद होने वाली एसआईआर प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं की मैपिंग में कठिनाई आ सकती है। इस बार के एसआईआर में 2003 के एसआईआर की वोटर लिस्ट को आधार बनाया गया था। अगले एसआईआर में 2026 की प्रक्रिया के तहत बनने वाला फाइनल वोटर लिस्ट आधार होगा।
आज का समय बचा
जिलों में बूथ स्तर पर लगातार अभियान चलाए गए। बीएलओ के स्तर पर वोटरों से संपर्क किया गया। साथ ही, नो मैपिंग वाले वोटरों को नोटिस भी जारी किया गया। इस पर सुनवाई हुई। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया गया है कि अब दावे एवं आपत्तियों का समय नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से छूटता है तो वे सामान्य प्रक्रिया के तहत अपने नाम वोटर लिस्ट में आगे जुड़वा सकते हैं। वैसे आज का समय बचा हुआ है।
भरे गए 82.34 लाख फॉर्म-6
प्रदेश में मतदाता बनने के लिए अब तक 82.34 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा है। सभी जिलों में एसआईआर प्रक्रिया दावा-आपत्ति प्रक्रिया के अंतिम दिन फॉर्म-6 भरवाने के लिए बीएलओ बूथ पर उपलब्ध रहेंगे। लोग ईसीआई नेट एप के माध्यम से और पोर्टल www.voters.eci.gov.in की मदद से घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भी भर सकते हैं। महिलाओं के नाम जुड़वाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा है तो इन प्रक्रियाओं के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम एसआईआर वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं।
2.84 लाख लोगों ने भरे फॉर्म-7
एसआईआर प्रक्रिया के तहत अब तक नाम कटवाने के लिए 2.84 लाख फॉर्म-7 भरे जा चुके हैं। इसमें मृत और स्थानांतरित लोगों के साथ-साथ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका नाम गलत ढंग से वोटर लिस्ट में में शामिल हुआ था। अब दूसरे व्यक्ति की आपत्ति पर इस प्रकार का एक्शन हुआ है। हालांकि, जांच में आपत्ति गलत पाए जाने पर वोटर लिस्ट से नाम काटने से बचा गया है।
अब समय में नहीं होगी वृद्धि
एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 6 जनवरी को किया गया था। इस पर वोटरों को दावा-आपत्ति के लिए छह फरवरी तक का समय दिया गया। प्रदेश और मतदाताओं के बड़े आकार को देखते हुए इसमें एक माह की वृद्धि की गई। छह मार्च तक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर दावा-आपत्ति का समय जारी किया गया। सभी जिला प्रशासन को चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट से नाम कटने या नो मैपिंग वोटरों की दावा-आपत्ति के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।