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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सपा-कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर फिर फंसेगा पेंच, राहुल गांधी कर सकते हैं पांच सीटों पर दावेदारी

    Updated: Sun, 18 Aug 2024 03:45 PM (GMT+05:30)

    UP Assembly By Election उत्तर प्रदेश में होने वाले 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस व समाजवादी ...और पढ़ें

    सपा मुखिया अखिलेश यादव व कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो)
    सपा मुखिया अखिलेश यादव व कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. सपा ने रणनीति के तहत छह सीटों के प्रभारी बनाए
    2. कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए सपा पर बनाया दबाव

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी में सीट बंटवारे के लेकर पेंच फंसना तय है। कांग्रेस ने सपा पर दबाव बनाने के लिए सभी सीटों पर चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। वहीं सपा ने रणनीति के तहत केवल छह सीटों पर प्रभारियों की तैनाती की है। प्रदेश कांग्रेस की तरफ से पांच सीटों पर दावेदारी जताई जा रही है।

    लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा का गठबंधन हुआ था। सपा ने कांग्रेस को 17 सीटें दी थीं, जबकि कांग्रेस कम से कम 20 सीटों पर दावेदारी की थी। लोकसभा चुनाव में छह सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस उत्तर प्रदेश में नए सिरे से अपना जनाधार खड़ा चाहती है।

    10 सीटों पर होना है उपचुनाव

    यही वजह है कि जिन 10 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होना है उनमें से पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने पांच सीटों (सीसामऊ, करहल, कुंदरकी व कटेहरी तथा मिल्कीपुर) पर जीत दर्ज की थी। वहीं फूलपुर, खैर, गाजियाबाद व मझवां तथा मीरापुर की सीटों को लेकर कांग्रेस ने सपा पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

    सूत्रों के मुताबिक सपा कांग्रेस को दो ही सीटें देना चाहती है, लेकिन सपा ने छह सीटों पर ही चुनाव प्रभारियों की तैनाती की है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस को चार सीटें मिल सकती हैं। इन सीटों में खैर, गाजियाबाद, कुंदरकी व मीरापुर की सीटें शामिल हैं। जिन सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से नौ सीटें लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त हुई हैं। इन सीटों पर जीते विधायकों को लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारा गया गया था।

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    सजा होने के बाद रिक्त हुई सीट

    इनकी जीत के बाद यह सीटें रिक्त हुई हैं, जबकि सीसामऊ की सीट सपा के विधायक इरफान सोलंकी को सजा होने के बाद रिक्त हुई है।

    कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार सीटों के बंटवारे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से जल्द ही पहल की जा सकती है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व से ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावेदारी के लिए कहा गया है। अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से लिया जाएगा।

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