उत्तर प्रदेश: CBI की विशेष अदालत से डॉन बबलू श्रीवास्तव बरी, धमकी-रंगदारी मामले में मिली राहत
सीबीआई की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू को 27 साल पुराने रंगदारी और धमकी के मामले में बरी कर दिया है।

सीबीआई की विशेष अदालत से ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू बरी।
HighLights
अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव रंगदारी मामले में बरी।
सीबीआई विशेष अदालत ने 27 साल बाद फैसला सुनाया।
नैनी जेल से धमकी देने का आरोप था।
विधि संवाददाता, लखनऊ। करीब 27 साल पुराने रंगदारी और धमकी के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू को अदालत राहत मिली है। सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को उसे सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। उस पर रंगदारी वसूलने के लिए धमकाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप थे।
मामले की शुरुआत वर्ष 1998 में हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया था कि नैनी जेल में बंद बबलू श्रीवास्तव जेल के भीतर मोबाइल का इस्तेमाल कर अपने गिरोह के सदस्यों से संपर्क करता था। जेल के बाहर उसके इशारे पर आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जाता था। जेल के कुछ अधिकारियों पर भी उसे यह सुविधा मुहैया कराने के आरोप लगाए गए थे।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने शुरू की थी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने एक फरवरी 1999 को जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। सीबीआई ने थाना कैंट, इलाहाबाद वर्तमान में प्रयागराज में धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर 14 दिसंबर 1998 को दर्ज मुकदमे की विवेचना शुरू की। शुरुआत में धोखाधड़ी, जालसाजी, मारपीट, धमकी और आपराधिक साजिश समेत कई आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के बाद सीबीआई ने नौ अक्टूबर 2001 को बबलू श्रीवास्तव के खिलाफ रंगदारी और धमकी देने के आरोप में आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने 13 अक्टूबर 2003 को इन आरोपों पर सुनवाई शुरू करने के लिए आरोप तय किए। करीब 27 साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए बबलू श्रीवास्तव को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।