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मदरसे के नाम पर चंदा जुटा पाकिस्तान भेजने की कोशिश में जफर गिरफ्तार, क्रिप्टो के जरिए जैश को हो रही थी फंडिंग

Updated: Tue, 18 Aug 2026 08:01 AM (IST)

एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य मोहम्मद जफर को मदरसे के नाम पर चंदा एकत्र कर पाकिस्तानी आतंकी संगठन को भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वह मसूद अजहर की जेहादी तकरीरें साझा कर लोगों को प्रेरित करता था और बाइनेंस के जरिए रकम भेजता था।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद सदस्य मोहम्मद जफर को किया गिरफ्तार।

  2. मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर आतंकी संगठन को भेजने का आरोप।

  3. मसूद अजहर की तकरीरें साझा कर लोगों को प्रेरित करता था।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। उस पर मदरसे के नाम पर चंदा एकत्र कर उसे पाकिस्तानी आतंकी संगठन तक भेजने का आरोप है। जांच एजेंसी ने कहा वह जैश के प्रमुख मसूद अजहर की जेहादी तकरीरें सोशल मीडिया पर साझा कर लोगों को हिंसक जेहाद के लिए प्रेरित करता था।

मोहम्मद जफर (24) मूल रूप से बिहार के पूर्णिया के गांव मीरगंज का रहने वाला है। एटीएस की जांच में पता चला कि जफर पूर्व में मेरठ में रहकर एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है। उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट के विश्लेषण में मसूद अजहर की भड़काऊ और जेहादी तकरीरों को साझा किए जाने की जानकारी मिली। एटीएस के मुताबिक पूछताछ में जफर ने बताया कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के बारे में पढ़ा था।

इसके बाद वह मसूद अजहर से प्रभावित हुआ और मुजाहिद बनने की इच्छा जाग्रत हुयी। उसके मोबाइल फोन से पाकिस्तानी जेहादी वाट्सएप ग्रुप मिले हैं। इनमें जेहाद और चंदे से संबंधित बातचीत थी। वह फेसबुक के माध्यम से चेहरा ढककर जेहाद और खिलाफत के संबंध में बयान भी देता था। जफर ऐसे माध्यमों के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया था।

जेहाद में मदद का प्रस्ताव दिया। एटीएस के अनुसार हैंडलर के निर्देश पर उसने पैसे भेजने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने बाइनेंस अकाउंट मांगा और अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों से जुड़कर बाइनेंस के माध्यम से यूएसडीटी के रूप में कई बार रकम भेजी। यूपी एटीएस ने मोहम्मद जफर को 16 अगस्त को गिरफ्तार किया।

उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 13/2026 में बीएनएस की धारा 152, 61(2) और यूएपीए की धारा 18/38 के तहत केस दर्ज किया गया है। एटीएस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध स्वीकार किए हैं। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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क्या होता है बाइनेंस अकाउंट
बाइनेंस अकाउंट दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफार्म बाइनेंस पर बनाया गया एक यूजर अकाउंट है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति बिटकाइन, एथेरियम और अन्य डिजिटल मुद्राओं को खरीद, बेच, ट्रेड और सुरक्षित रूप से स्टोर कर सकता है। इसके जरिये करेंसी का ट्रासफर भी आसानी से किया जा सकता है।