यूपी में आयुष अस्पतालों में मरीजों के इलाज का ब्योरा होगा ऑनलाइन, संसाधन न होने पर डॉक्टरों ने जताई आपत्ति
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी अस्पतालों में मरीजों के इलाज का पूरा ब्योरा अब एएचआइएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा, ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
आयुष अस्पतालों में मरीजों का इलाज ब्योरा ऑनलाइन दर्ज होगा।
एएचआइएमएस पोर्टल पर संख्या, जांच, इलाज और दवाएं दर्ज होंगी।
संसाधनों की कमी पर आयुष डॉक्टरों ने विरोध जताया है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी अस्पतालों में वाह्य रोग विभाग (ओपीडी) से लेकर भर्ती मरीजों के इलाज का पूरा ब्योरा आनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसमें मरीजों की संख्या, जांच, इलाज और दी गईं दवाओं की जानकारी शामिल होगी। इसके लिए आयुष विभाग ने एएचआइएमएस (आयुष हास्पिटल मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम) पोर्टल बनाया है। डाक्टर और फार्मासिस्ट इंचार्ज को इस पर रोज मरीजों का ब्योरा दर्ज करना होगा।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि आयुष संस्थानों के डिजिटलीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एएचआइएमएस पोर्टल लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से आयुष अस्पतालों में आने वाले मरीजों का डिजिटल रिकार्ड तैयार होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और व्यवस्था में सुधार करने में मदद मिलेगी।
प्रतिदिन डाटा अपडेट करने की व्यवस्था को लेकर आयुष डॉक्टरों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रदेश के करीब 500 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कंप्यूटर तो हैं, लेकिन वहां मानक के अनुरूप डाक्टर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, 2200 चिकित्सा इकाइयों में कंप्यूटर और डाटा एंट्री आपरेटर नहीं हैं। ऐसे में रोज मरीजों का पूरा ब्योरा आनलाइन दर्ज करना मुश्किल होगा।
प्रांतीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के महासचिव डा. जितेंद्र कुमार के मुताबिक कई अस्पतालों में बिजली, कंप्यूटर, इंटरनेट और डाटा एंट्री आपरेटर की सुविधा नहीं है। मरीजों का ब्योरा दर्ज करने का फार्मेट भी विस्तृत है। इसे भरने में काफी समय लगेगा। उनका कहना है कि जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए बिना व्यवस्था लागू करने का दबाव बनाया गया तो संघ विरोध करेगा। इस संबंध में शासन को ज्ञापन भी भेजा जाएगा।
