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    कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में खुलेंगे नए विश्वविद्यालय, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 03:13 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

    कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में खुलेंगे नए विश्वविद्यालय।

    कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में खुलेंगे नए विश्वविद्यालय।

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में उच्च शिक्षा का दायरा और बढ़ने जा रहा है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कानपुर, गाजियाबाद, फतेहपुर में निजी क्षेत्र के तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दे दी गई।

    इसके साथ ही प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी।इससे युवाओं को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के अधिक अवसर मिलेंगे।

    उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (लेटर आफ परमिशन-एलओपी) जारी करने और संचालन प्राधिकार-पत्र देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।

    इसमें स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली कानपुर नगर में 51.739 एकड़ भूमि पर कृषि आधारित निजी विश्वविद्यालय स्थापित करेगा।

    इसका उद्देश्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना है। इसी तरह इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद को 26.2656 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दी गई है।

    यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के साथ विभिन्न व्यावसायिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित करेगा। वहीं, एंग्लो संस्कृत कालेज, फतेहपुर को 20.45 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की स्वीकृति मिली है। इससे फतेहपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में आठ नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। अब तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 56 हो जाएगी।

    इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, शोध को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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