योगी का कैबिनेट का बड़ा फैसला: गोरखपुर और मुरादाबाद में म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने को हरी झंडी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को म्यूनिसिपल बांड जारी करने की मंजूरी दे दी है। इससे दोनों शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विका ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने शहरी विकास को नई गति देने के लिए नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (आईडीएफ) से क्रेडिट रेटिंग सुधारने के लिए अनुदान उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
इससे दोनों शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बाजार से संसाधन जुटाने का रास्ता खुलेगा और नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी। प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक वित्तीय स्रोत उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।
लखनऊ, गाजियाबाद में जारी हो चुके हैं बॉन्ड
लखनऊ नगर निगम 200 करोड़ रुपये के वर्ष 2020 व गाजियाबाद 150 करोड़ रुपये के वर्ष 2021 में म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी कर चुके हैं। इसी क्रम में कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है।
शहरी आधारभूत संरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए नगरीय निकायों को बड़े पैमाने पर वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे में वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन, मार्केट ओरिएंटेशन और उधार-पात्रता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार प्रोत्साहन योजना के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड से अनुदान उपलब्ध कराएगी।
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26 करोड़ रुपये का अनुदान
योजना के तहत यदि कोई नगर निगम बाजार से प्रत्येक 100 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करता है तो उसे 13 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन अनुदान मिलेगा। इसी प्रकार 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने पर अधिकतम 26 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि एक विशेष खाते में जमा कराई जाएगी और सभी नगर निगमों को सेबी के नियमों का पालन करना होगा। म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाई गई धनराशि का उपयोग गोरखपुर में गोलघर स्थित जलकल कंपाउंड में 314 करोड़ रुपये से बनने वाले मिक्स यूज्ड कामर्शियल कांप्लेक्स के निर्माण में किया जाएगा।
इसी प्रकार मुरादाबाद में 82.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित शिक्षा व मनोरंजन पार्क बनाने में खर्च किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे नगरीय निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, निजी निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और प्रदेश के शहरों में आधुनिक शहरी अवसंरचना के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।