यूपी में 35 लाख से ज्यादा लोगों ने खुद भरी जनगणना की जानकारी, प्रदेश में आजमगढ़ सबसे आगे
उत्तर प्रदेश में जनगणना की स्वगणना प्रक्रिया में 35 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भरे हैं, जिसमें आजमगढ़ सबसे आगे है। जनगणना निदेशालय ने दोहरी गिन ...और पढ़ें
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AI जेनेरेटेड फोटो।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में जनगणना प्रक्रिया के तहत चल रही स्वगणना अभियान में लोग हिस्सा ले रहे हैं। सोमवार शाम तक प्रदेश में 35,82,770 लोगों ने ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म भर दिया है। इसमें आजमगढ़ सबसे आगे रहा है। यहां 2,23,226 लोगों ने फार्म भरा है।
इसके बाद बरेली में 2,06,835, शाहजहांपुर में 2,01,218, मुरादाबाद में 1,88,961 और सोनभद्र में 1,54,233 लोगों ने स्वगणना की है। वहीं कुछ जिलों में अभी लोगों की भागीदारी कम देखने को मिल रही है। हापुड़ में सबसे कम 9,355 लोगों ने स्वगणना की है।
इसके अलावा कौशांबी में 10,583, गौतमबुद्धनगर में 11,990, हमीरपुर में 12,392 और संतकबीरनगर में 12,751 लोगों ने अपनी जानकारी दर्ज की है। लखनऊ में अब तक 66,352 लोगों ने स्वगणना में हिस्सा लिया है।
जनगणना में नहीं चलेगी दोहरी गिनती
जनगणना 2027 की स्वगणना प्रक्रिया में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति के दो जिलों में घर हैं तो उसकी गणना कहां होगी? इसी तरह विवाहित बेटी, बाहर नौकरी या पढ़ाई कर रहे बेटे, किरायेदार और विवादित संपत्ति को लेकर भी लोग भ्रम में हैं।
दैनिक जागरण की ओर से सोमवार को आयोजित राज्यस्तरीय विमर्श में जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार और अश्वनी दीक्षित ने इन सभी सवालों के जवाब दिए।
स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के दो जिलों में मकान हो सकते हैं और दोनों मकानों का रिकॉर्ड बनेगा, लेकिन व्यक्ति की जनगणना केवल उसी स्थान पर होगी। जहां वह सामान्य रूप से रहता है।
जनगणना में यूजुअल रेजिडेंस यानी जहां व्यक्ति सामान्य तौर पर रहता है, उसी को आधार माना जाएगा। सात मई से शुरू हुई स्वगणना 21 मई तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से गणनाकर्मी (प्रगणक) घर-घर जाकर जानकारी लेंगे। स्वगणना आईडी उनके सत्यापन के बाद ही पूरी मानी जाएगी।