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यूपी के 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूलों में बनेंगे मिनी स्टेडियम, खेल प्रतिभाओं को मिलेगी नई उड़ान

Updated: Thu, 13 Aug 2026 07:27 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में निर्माणाधीन 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में अब मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. 42 जिलों के 52 विद्यालयों में मिनी स्टेडियम बनेंगे।

  2. बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्माण एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी।

  3. 26 नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के 42 जिलों में निर्माणाधीन 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में अब मिनी स्टेडियम भी बनाए जाएंगे। इसके लिए विद्यालय परिसरों में उपलब्ध रिक्त भूमि का उपयोग किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाओं के नाम तय जिम्मेदारी सौंप दी है। निर्माण कार्य को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा कराने और इसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आगरा, अलीगढ़, अंबेडकरनगर, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बांदा, बरेली, एटा, हाथरस, जालौन, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, मेरठ और रामपुर में समेत 42 जिलों की प्रथम व द्वितीय तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है।

इन विद्यालयों में उपलब्ध तीन से पांच एकड़ भूमि में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। इस संबंध में 16 जुलाई को विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। अब इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाओं का चयन किया गया है।

इनमें उप्र प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड को 26, कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उप्र जल निगम) को 14, आवास एवं विकास परिषद को पांच, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड को दो, लोक निर्माण विभाग को तीन और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को दो मिनी स्टेडियमों के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग द्वारा स्टेडियमों का निर्माण का हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी और शासन को रिपोर्ट दी जाएगी।

26 जिलों में बनेंगे नये मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय

मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय योजना के तहत सरकार ने तृतीय चरण में 26 जिलों की तृतीय तहसील में एक-एक नये विद्यालय के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी है।

इनमें अलीगढ़, एटा, हाथरस, अंबेडकरनगर, गोंडा, कानपुर नगर, बस्ती, बरेली, हरदोई, बाराबंकी, कुशीनगर, आजमगढ़, मीरजापुर, सीतापुर, बलिया, रायबरेली, शाहजहांपुर, उन्नाव, भदोही, प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, कौशांबी, जालौन, बांदा और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।

विद्यालयों के निर्माण का जिम्मा उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, आवास एवं विकास परिषद, समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड और उप्र प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड को दिया गया है।

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