UP में शीतगृहों को अमोनिया की आपूर्ति का रास्ता साफ, आलू खराब होने का खतरा टला
उत्तर प्रदेश के शीतगृहों को अमोनिया गैस की कमी से राहत मिली है। उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रय ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
उर्वरक कंपनियां अब शीतगृहों को अमोनिया की आपूर्ति करेंगी।
केंद्र-राज्य के प्रयासों से अमोनिया गैस की कमी दूर हुई।
150 लाख टन आलू खराब होने का बड़ा खतरा टला।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। अमोनिया गैस की कमी की समस्या से जूझ रहे शीतगृह संचालकों को राहत मिल गई है। उर्वरक कंपनियां अब शीतगृहों को अमोनिया की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।
बताया कि हाल के दिनों में अमोनिया गैस की कमी के कारण कई शीतगृहों में संचालन प्रभावित हो रहा था। केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से दो दिन में इसका समाधान कर दिया गया है।
उद्यान मंत्री ने बताया कि कुछ कारणों से उर्वरक कंपनियों द्वारा शीतगृहों को अमोनिया गैस की आपूर्ति रोक दी गई थी, जिससे प्रदेश के 2357 शीतगृहों में भंडारित लगभग 150 लाख टन आलू के खराब होने की आशंका थी।
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इसके हल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया गया। दोनों केंद्रीय मंत्रियों के त्वरित निर्देशों के बाद अमोनिया गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
मंत्री ने बताया कि भविष्य में ऐसी आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए एक स्थायी व ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा, उद्यान निदेशक बीपी राम, संयुक्त निदेशक राजीव सिंह और शीतगृह संचालक संघ व आलू उत्पादक किसान संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।