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एआई-रेडी और ग्रीन डेटा हब बनेगा उत्तर प्रदेश, कैबिनेट बैठक में नई नीति पर मुहर

Published: Mon, 06 Jul 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य ₹2 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित ...और पढ़ें

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HighLights

  1. योगी कैबिनेट ने नई डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी।

  2. ₹2 लाख करोड़ निवेश, 50,000 युवाओं को रोजगार का लक्ष्य।

  3. यूपी को ग्रीन, एआई-रेडी डेटा सेंटर हब बनाएगा।

डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक अत्याधुनिक और टिकाऊ तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में योगी सरकार ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित 'उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026' को हरी झंडी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी नीति का मुख्य उद्देश्य यूपी को देश का पहला 'ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी' डेटा सेंटर हब बनाना है।

इस नई नीति के जरिए सरकार ने प्रदेश में 2 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम निवेश आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया है। इसके साथ ही, इस पूरी योजना से प्रदेश के करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

तैयार होगा वैश्विक इकोसिस्टम, बुंदेलखंड-पूर्वांचल को विशेष बूस्ट

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि पुरानी नीति के 27 जनवरी 2026 को समाप्त होने के बाद, बदलते तकनीकी परिदृश्य को देखते हुए यह नई और उन्नत नीति लाई गई है। इस बार सरकार का विशेष ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्यावरण संरक्षण पर है।

  • जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर: नई नीति में जीपीयू (GPU) आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।

  • अतिरिक्त प्रोत्साहन: क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (Incentives) दिए जाएंगे।

  • विशेष कैटेगिरी को बढ़ावा: टियर/रेटिंग-3 और टियर-4 वाले आधुनिक डेटा सेंटर्स, एआई कंप्यूट बूस्टर और ग्रीन व सस्टेनेबल संचालन (Eco-friendly operations) के लिए विशेष रियायतें दी जाएंगी।

50 हजार से अधिक युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

इस नीति को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश में एक वर्ल्ड-क्लास डेटा सेंटर इकोसिस्टम खड़ा होगा। डेटा सेंटर्स के आने से उनके आसपास सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आईटीईएस (ITeS) सेक्टर की अन्य कंपनियों का भी जमावड़ा लगेगा, जिससे रोजगार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे।

  • प्रत्यक्ष रोजगार: इस योजना से लगभग 7,500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

  • अप्रत्यक्ष/अल्पकालीन रोजगार: डेटा सेंटर्स के निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की अवधि के दौरान करीब 50,000 लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

पिछली नीति की सफलता के बाद अगला बड़ा कदम

मंत्री सुनील शर्मा ने रेखांकित किया कि योगी सरकार की सुनियोजित नीतियों के कारण ही प्रदेश में तकनीकी निवेश को रफ्तार मिली है। जनवरी 2021 में लागू हुई और नवंबर 2022 में संशोधित हुई पिछली डेटा सेंटर नीति के बेहद ठोस परिणाम सामने आए हैं।

पिछली नीति के तहत प्रदेश में लगभग 21,343 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतरा है, जिसके जरिए 6 डेटा सेंटर पार्क और 40 मेगावाट से कम क्षमता की 2 डेटा सेंटर इकाइयां स्वीकृत हुईं। इनमें से 7 बड़ी परियोजनाएं पहले ही अपना परिचालन (Operations) शुरू कर चुकी हैं। अब नई नीति-2026 इसी सफलता को एक नए और बड़े स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।

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