यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Election 2024: जातीय समीकरण भांप गई सपा, उपचुनाव में सांसदों और विधायकों को सौंपी जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद अब सपा ने भी तैयारियां तेज कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार क ...और पढ़ें

HighLights
- सपा ने उपचुनाव के लिए 6 सीटों पर बनाए शिवपाल सहित सात प्रभारी
- शेष चार पर गठबंधन की सीटें तय होते ही निर्णय ले सकते हैं अखिलेश
- रविवार को मायावती ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फूंका था बिगूल
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। UP Election 2024: प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तिथि भले ही अभी तय नहीं हुई है, लेकिन प्रमुख दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं।
उपचुनाव लिए भाजपा ने जहां मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है, वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को सभी 10 सीटों पर उपचुनाव करने की घोषणा करके चुनावी बिगुल फूंक दिया।
सपा ने छह विधानसभा सीटों पर कद्दावर नेताओं को बनाया प्रभारी
सोमवार को समाजवादी पार्टी ने भी छह विधानसभा सीटों में अपने सात कद्दावर नेताओं को प्रभारी बनाकर उनको चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसमें दो सांसद, तीन विधायक और एक पूर्व मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष शामिल हैं। शेष चार सीटों पर सपा ने अभी अपना पत्ता नहीं खोला है। माना जा रहा है कि कांग्रेस से गठबंधन में सीटों के तय होते ही सपा आगे की भी रणनीति बनाएगी।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) August 12, 2024
शिवपाल सिंह मिल्कीपुर सीट पर निभा सकते हैं अहम भूमिका
शिवपाल सिंह यादव अंबेडकरनगर लोकसभा सीट की कटेहरी विधानसभा के प्रभारी बनाए गए हैं। शिवपाल सिंह यादव कटेहरी के साथ सटी हुई फैजाबाद लोकसभा की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर भी चुनावी तैयारियों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मिल्कीपुर सीट पर वंचित समाज के अलावा यादव और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या अधिक है।
जातीय समीकरण को देखते हुए सपा ने फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव को मिल्कीपुर का प्रभारी बनाया है।
सपा के लिए मिल्कीपुर सीट जरूरी
सपा के लिए मिल्कीपुर सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सीट से विधायक रहे अवधेश प्रसाद फैजाबाद सांसद बने तो इसे भाजपा के लिए एक झटका माना गया। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पिछले दिनों जनसभा की थी।
इसी तरह मीरजापुर की मझवां विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी पास की चंदौली लोकसभा सीट से सांसद वीरेंद्र सिंह को दी गई है। मीरजापुर लोकसभा सीट से अनुप्रिया पटेल जीतकर केंद्रीय मंत्री है। सपा के लिए मैनपुरी की करहल सीट भी नाक का सवाल है। इस सीट से वर्ष 2022 में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी।
खबरें और भी
पूर्व मंत्री को सौंपी गई करहल विधानसभा सीट की जिम्मेदारी
अखिलेश यादव के कन्नौज से लोकसभा सांसद बनने के बाद करहल विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का प्रभारी पूर्व मंत्री चंद्रदेव यादव को सौंपी गई है।
प्रयागराज की फूलपुर विधानसभा सीट का प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज को बनाया गया है। इंद्रजीत सरोज फूलपुर से सटी कौशांबी लोकसभा की मंझनपुर सीट से विधायक और अनुभवी नेताओं में से हैं।
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गाजियाबाद, खैर, मीरापुर और कुंदरकी पर नहीं बनाए गए प्रभारी
कौशांबी लोकसभा सीट से इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज सांसद बने हैं। कानपुर नगर की सीसामऊ विधानसभा सीट से प्रभारी विधायक राजेंद्र कुमार बनाए गए हैं। सपा ने जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए अभी प्रभारी नहीं बनाए हैं उनमें गाजियाबाद, खैर, मीरापुर और कुंदरकी शामिल हैं।