यूपी के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एयर कंडीशन ई-बसें, प्रति बस 35-40 लाख रुपये अनुदान देगी योगी सरकार
योगी सरकार ने 18 प्रमुख शहरों में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी है, जो जीसीसी मॉडल पर 12 वर्षों तक चलेंगी। निजी निवेश से शहर ...और पढ़ें

HighLights
नगर निगम वाले 17 शहरों व नोएडा में जीसीसी माडल पर 12 वर्षों तक होगा सिटी बसों का संचालन
निजी निवेश से बदलेगी शहरी परिवहन की तस्वीर, प्रति बस 35-40 लाख रुपये सरकार देगी अनुदान
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 18 प्रमुख शहरों में ग्रास कास्ट कान्ट्रैक्ट (जीसीसी) माडल पर 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। निजी क्षेत्र की भागीदारी से लागू होने वाली इस योजना से सरकारी खर्च का बोझ घटेगा, जबकि शहरों में यात्रियों को बेहतर, समयबद्ध और तकनीक आधारित परिवहन सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री आवास में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 25 प्रस्ताव रखे गए इसमें से 24 प्रस्ताव स्वीकृत हो गए। कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि 17 नगर निगम वाले शहरों के अलावा नोएडा शहर में भी यह बसें चलाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि नगर विकास विभाग के अंतर्गत स्थापित नगरीय परिवहन निदेशालय प्रदेश में सिटी बस सेवाओं के संचालन और निगरानी का कार्य कर रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 15 नगर निगम क्षेत्रों में 743 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हैं, जिनमें से 700 बसें पहले से ही जीसीसी माडल पर चल रही हैं।
सरकार ने अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) में कुल 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का निर्णय किया है। योजना के तहत नौ मीटर और 12 मीटर लंबाई की बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी। इन बसों का संचालन वाणिज्यिक सेवा शुरू होने की तिथि से 12 वर्षों तक किया जाएगा।
जीसीसी मॉडल के तहत बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन और चार्जर की व्यवस्था, चालक एवं तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति, बसों का संचालन तथा रखरखाव पूरी तरह निजी आपरेटर की जिम्मेदारी होगी। इसके बदले सरकार तय प्रदर्शन मानकों के आधार पर आपरेटर को संचालन एवं रखरखाव शुल्क का भुगतान करेगी। निजी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 12 मीटर की इलेक्ट्रिक बस पर 40 लाख रुपये और नौ मीटर की बस पर 35 लाख रुपये प्रति बस अनुदान देने का निर्णय लिया है। वहीं बस डिपो निर्माण के लिए आवश्यक भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निश्शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि बस किराया और अन्य शुल्क का निर्धारण प्रदेश सरकार ही करेगी। आपरेटर को जो घाटा होगा उसकी भरपाई सरकार करेगी। योजना के जरिए निजी निवेश आकर्षित होगा, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा और प्रतिस्पर्धा के कारण आधुनिक तकनीकों का तेजी से इस्तेमाल बढ़ेगा। निजी आपरेटरों का चयन पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर और विश्वसनीय शहरी परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
कहां कितने चलेंगी ई-बसें?
आगरा- 100
मथुरा-वृंदावन- 50
अलीगढ़- 25
फिरोजाबाद- 25
गाजियाबाद- 100
मेरठ- 100
शाहजहांपुर- 25
बरेली- 25
मुरादाबाद- 25
सहारनपुर- 25
नोएडा- 100
वाराणसी- 250
अयोध्या- 50
लखनऊ- 300
गोरखपुर- 150
कानपुर- 300
प्रयागराज- 50
झांसी- 25