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    यूपी में खेती से बढ़ेगी आमदनी, बागवानी; नर्सरी और कोल्ड स्टोरेज पर मिलेगी 75 प्रतिशत तक सब्सिडी

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 09:44 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश सरकार 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी, नर्सरी और कोल्ड स्टोरेज पर 75% तक सब्सिडी दे रही है। यह योज ...और पढ़ें

    यूपी में किसानों की आय बढ़ाने को बागवानी और कोल्ड स्टोरेज पर 75 प्रतिशत तक अनुदान

    यूपी में किसानों की आय बढ़ाने को बागवानी और कोल्ड स्टोरेज पर 75 प्रतिशत तक अनुदान

    HighLights

    1. बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को भारी सब्सिडी।

    2. नर्सरी, विदेशी फसलों और कोल्ड स्टोरेज पर 50% तक छूट।

    3. छोटे SC-ST किसानों को 75% तक विशेष अनुदान।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक रूप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। राज्य में पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी (हॉर्टिकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' (MIDH) के तहत किसानों को भारी सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, फल-फूल और सब्जियों की उन्नत खेती करने तथा फसल प्रबंधन के लिए आर्थिक सहायता देना है, जिससे प्रदेश में बागवानी का दायरा बढ़ सके।

    हाईटेक नर्सरी और एक्जॉटिक फसलों पर 40 से 50% तक का अनुदान

    योजना के अंतर्गत प्रदेश में उत्तम गुणवत्ता के पौधों का उत्पादन बढ़ाने के लिए छोटी पौधशालाओं (नर्सरी) की स्थापना पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। वहीं, बड़ी पौधशालाओं, टिश्यू कल्चर लैब और हाईटेक नर्सरी के लिए 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। सरकार केवल पारंपरिक फसलें ही नहीं, बल्कि केला, आम, करौंदा, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी एक्जॉटिक (विदेशी) फसलों के नए बाग लगाने पर भी 40 प्रतिशत की छूट दे रही है। इसके साथ ही संकर सब्जियों, गेंदा-ग्लैडियोलस जैसे फूलों और मसाला फसलों की खेती को भी आर्थिक संबल दिया जा रहा है।

    पुराने बागों का जीर्णोद्धार और तकनीकी खेती को बढ़ावा

    योगी सरकार राज्य में जैविक और तकनीक आधारित खेती को नया आयाम दे रही है। इसके तहत पुराने और कम उत्पादकता वाले बागों के जीर्णोद्धार, समेकित कीट प्रबंधन (IPM), ट्रैक्टर, पावर टिलर, नैपसेक स्प्रेयर और इको-फ्रेंडली नाइट ट्रैप पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मधुमक्खी पालन को प्रमोट करने के लिए हनी बी कॉलोनी, बी-हाइव और संबंधित उपकरणों पर भी सरकार भारी वित्तीय सहायता दे रही है।

    फसल की बर्बादी रुकेगी: पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान

    अक्सर देखा जाता है कि फसल कटाई के बाद उचित रख-रखाव न होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसे रोकने के लिए योगी सरकार 'पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट' पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को अपने स्तर पर कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड रूम, पैक हाउस और राइपनिंग चैंबर जैसी आधुनिक सुविधाएं खड़ी करने के लिए 35 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान मिल रहा है। साथ ही, संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट हाउस की इकाइयों पर भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

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    SC-ST क्षेत्रों के छोटे किसानों को 75% की बंपर सब्सिडी

    योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य क्षेत्रों के छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रियायतें दी हैं। राज्य सेक्टर की औद्यानिक विकास योजना के तहत अधिकतम 0.20 हेक्टेयर तक की भूमि वाले इन किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर शाकभाजी, मसाला बीज, मशरूम उत्पादन सामग्री, कृषि यंत्र और जैव उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।