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यूपी के किसानों की हुई मौज, गेहूं-चना और मसूर समेत इन जिंसों के 12 लाख क्विंटल बीज बांटेगी सरकार; मिलेगी बंपर सब्सिडी

Published: Fri, 09 Oct 2026 02:21 AM (GMT+05:30)

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रबी सत्र के लिए बीज व उर्वरक वितरण की निगरानी के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. रबी फसलों के लिए 12 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य।

  2. दलहन-तिलहन के 7.65 लाख से अधिक निश्शुल्क मिनीकिट वितरित होंगी।

  3. मसूर पर 100%, चना-मटर पर 75% तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रबी सत्र के लिए बीज व उर्वरक वितरण की निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि रबी फसलों के लिए 12 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य है, जिसमें 10.45 लाख क्विंटल गेहूं, 69.96 हजार क्विंटल चना, 41.76 हजार क्विंटल मसूर और 17.89 हजार क्विंटल मटर शामिल हैं। वहीं दलहन एवं तिलहन के 7.65 लाख से अधिक मुफ्त मिनीकिट वितरित की जाएंगी। उन्होंने जिलों के लक्ष्यों की पूर्ति में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

गुरुवार को कृषि भवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने कहा कि मसूर की आठ वर्ष से कम अवधि की समस्त प्रजातियों पर सर्वाधिक 100 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। आठ वर्ष से कम अवधि वाली चना व मटर और मसूर (10 वर्ष से कम अवधि) की प्रजातियों पर 75 प्रतिशत का अनुदान है।

निजी क्षेत्र में वितरण पर रखी जाएगी निगरानी 

गेहूं, जौ, 10 वर्ष से कम अवधि वाली चना व मटर और 15 वर्ष से कम अवधि वाली तोरिया व राई-सरसों की प्रजातियों पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। बताया गया कि वार्षिक लक्ष्य 68.50 लाख टन के मुकाबले अब तक 34.19 लाख टन उर्वरक उपलब्ध कराया जा चुका है। जिसमें 16.12 लाख टन यूरिया, 6.76 लाख टन डीएपी और 5.58 लाख टन एनपीके शामिल है। कृषि मंत्री ने कहा कि सहकारिता व निजी क्षेत्र में वितरण पर निगरानी रखी जाए।

मंत्री ने बजट का समय से सदुपयोग करने के भी निर्देश दिए। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग के लिए 10,017.45 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है, इसमें से 5085.51 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है और अब तक 2946.84 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है।

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योजनाओं के लिए 3455.61 करोड़ रुपये की स्वीकृति के सापेक्ष 2393.66 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। फसल क्षतिपूर्ति को लेकर मंत्री ने कहा कि महोबा, जालौन, ललितपुर, झांसी, चित्रकूट, मीरजापुर सहित जिन जिलों में अधिक दावे किए गए हैं, वहां सर्वे की गति को बढ़ाकर जल्द क्षतिपूर्ति भुगतान किया जाए। बैठक में कृषि निदेशक टीएम त्रिपाठी, निदेशक बीज प्रमाणीकरण कनीज फातिमा, सचिव उपकार डा. राजेश दुबे आदि उपस्थित थे।