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    यूपी में छात्राओं के लिए 'गरिमा' अभियान, 42 जिलों के स्कूलों में बेटियों के लिए चमकेंगे शौचालय

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 03:38 PM (IST)

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले योगी सरकार ने 'गरिमा' अभियान शुरू किया है। इसके तहत 42 जिलों के सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालयों को शत-प्र ...और पढ़ें

    यूपी में छात्राओं के लिए 'गरिमा' अभियान

    यूपी में छात्राओं के लिए 'गरिमा' अभियान

    डिजिटल डेस्क लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा, सुविधा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान का शंखनाद किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश के उन्नाव, कानपुर नगर, रायबरेली, अयोध्या और रामपुर समेत 42 जनपदों के सभी सरकारी विद्यालयों में शौचालयों को शत-प्रतिशत क्रियाशील बनाने का आदेश जारी किया गया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि केवल कागजों पर निर्माण पूरा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि 8 मार्च तक हर शौचालय उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार होना चाहिए।

    सिर्फ ढांचा नहीं, सुविधाओं पर होगा जोर

    सरकार का स्पष्ट मानना है कि शौचालयों की नियमित सफाई, पानी की निरंतर उपलब्धता, बिजली की व्यवस्था और सबसे महत्वपूर्ण—सुरक्षित दरवाजों की स्थिति सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का सीधा असर छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति पर पड़ेगा। स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय मिलने से न केवल मासिक धर्म के दौरान छात्राओं को सहजता होगी, बल्कि स्कूलों में होने वाले 'ड्रॉपआउट' (पढ़ाई छोड़ने) की दर में भी प्रभावी कमी आएगी। यह अभियान बेटियों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण देने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

    'प्रेरणा पोर्टल' से होगी डिजिटल घेराबंदी

    इस अभियान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'प्रेरणा पोर्टल' को हथियार बनाया गया है। अब प्रत्येक विद्यालय को शौचालय के अंदर और बाहर की स्पष्ट तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी, जिससे शासन स्तर पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सके। जिलाधिकारियों (DM), मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं भौतिक सत्यापन करें और जहाँ मरम्मत या जल कनेक्शन की कमी है, उसे तत्काल युद्धस्तर पर ठीक कराएं।

    डेडलाइन तय: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई

    सरकार ने इस मिशन के लिए 8 मार्च की समय-सीमा (डेडलाइन) तय कर दी है। मुख्य सचिव ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के भीतर कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक बजट और संसाधनों की उपलब्धता के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। यह कदम न केवल स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण और उनके सम्मान की भावना को भी साकार करेगा।